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कांग्रेस की कमान संभालने के लिए क्या तैयार हैं राहुल गांधी?

अक्टूबर में राहुल गांधी की अगर अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो जाती है तो फिर उनके पास एक से डेढ़ साल का वक्त रहेगा

Amitesh Amitesh Updated On: Sep 19, 2017 03:05 PM IST

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कांग्रेस की कमान संभालने के लिए क्या तैयार हैं राहुल गांधी?

कांग्रेस के भीतर इंतजार की घड़ी खत्म होती दिख रही है. अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो अगले महीने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी हो जाएगी. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी में युवा पीढ़ी को कमान देने की तैयारी लगभग पूरी हो रही है. इस पर अक्टूबर में अंतिम मुहर लग जाएगी.

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी नहीं चाहते हैं कि अध्यक्ष पद पर उनकी ताजपोशी महज सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव के आधार पर ही कर दिया जाए. राहुल गांधी संगठन चुनाव की प्रक्रिया के तहत ही अध्यक्ष पद पर अपनी ताजपोशी चाहते हैं. लिहाजा कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया अक्टूबर में कराने की तैयारी हो रही है जिसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस की कमान संभाल लेंगे.

अपनी हर रैली और संबोधन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के बाकी नेताओं की तरफ से कांग्रेस में वंशवाद को लेकर निशाना साधा जाता है. जब राहुल गांधी कांग्रेस की कमान संभालेंगे तो वंशवाद का मुद्दा बीजेपी फिर से उठाएगी. लगता है राहुल ने इसी वजह से चुनावी प्रक्रिया के तहत ही कांग्रेस की कमान अपने हाथों में लेने का फैसला किया है.

हालांकि जनवरी 2013 में ही राहुल गांधी को पार्टी महासचिव से पार्टी उपाध्यक्ष बनाकर नंबर दो की भूमिका सौंप दी गई थी. उसके एक साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की अबतक की सबसे बुरी हार हुई. फिर महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और असम समेत कई राज्यों में कांग्रेस के हाथ से सत्ता खिसकती चली गई. इसे राहुल गांधी की नाकामी के तौर पर भी देखा गया.

लेकिन, कांग्रेस आलाकमान सही वक्त के इंतजार में था. सोनिया गांधी को लगता था कि सही वक्त पर ही सही फैसला लिया जाएगा. सीडब्ल्यूसी की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष से राहुल को कमान सौंपने की गुहार लगाई जा चुकी है. लेकिन, अब जबकि लोकसभा चुनाव में डेढ़ साल का वक्त बचा है, तब कांग्रेस के भीतर ‘चेंज ऑफ गार्ड’ की तैयारी हो रही है. ‘जेनेरेशनल शिफ्ट’ की इस कवायद के बाद कांग्रेस की नई पीढ़ी टीएम मोदी से भिड़ने को तैयार होगी.

राहुल के लिए माहौल बनाने की कोशिश!

rahul gandhi- ahmed patel

राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने-आप को इस नए रोल के लिए तैयार करने में लगे हुए हैं. इसके लिए कांग्रेस के रणनीतिकारों की एक टीम भी लगातार काम कर रही है. राहुल की टीम उन्हें उसी अंदाज में आगे कर रही है जिस अंदाज में लोकसभा चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी ने अपनी रणनीति को अंजाम दिया था.

देश में अध्यक्ष बनने की चर्चा के बीच राहुल गांधी खुद इस वक्त विदेश दौरे पर हैं. अपने दो हफ्ते के अमेरिका के प्रवास के दौरान राहुल गांधी लगातार अलग-अलग यूनिवर्सिटी में युवाओं से संवाद कर रहे हैं. हर मुद्दे पर अपने विचार रख रहे हैं.

इस दौरान राहुल गांधी अमेरिका के कई चिंतक, राजनीतिक विश्लेषक और अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हैं. राहुल गांधी की अमेरिकी संसद के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात हो रही है.

अपने पहले के रहस्यमयी विदेश दौरों के उलट अब राहुल गांधी सीधे विदेशों में भी प्रबुद्ध तबके से संवाद कर अपने व्यक्तित्व को एक मंझे हुए राजनेता की तरह ढालने में लगे हैं. शायद राहुल के रणनीतिकारों ने उन्हें इस बात की सलाह भी दी है जिसके जरिए मोदी के विदेशी दौरों और देश-विदेश में बनी उनकी छवि के मुकाबले राहुल को इस कदर तैयार किया जा रहा है.

बीजेपी की रणनीति का जवाब देने के लिए अब राहुल गांधी की तरफ से सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया जा रहा है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर काफी आक्रामक तरीके से मोदी सरकार और बीजेपी के कामों की आलोचना हो रही है.

2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर बीजेपी ने मोदी के पक्ष में खूब माहौल बनाया था. अभी भी प्रधानमंत्री की कोशिश यही रहती है. लेकिन, 2019 की लड़ाई के पहले अब कांग्रेस की तरफ से भी नए अंदाज में टीम मोदी को जवाब देने की तैयारी हो रही है. कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि बीजेपी को उसी की भाषा में जवाब देकर ही उसे घेरा जा सकता है.

अपने अमेरिका के मौजूदा दौरे के वक्त राहुल गांधी ने भी वर्केले स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में कहा था कि हजार लोगों की एक टीम सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है. अब जवाब देने की तैयारी राहुल की तरफ से हो रही है.

राहुल के साथ जुड़ेंगे युवा!

Rahul Gandhi

राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो फिर उनकी टीम भी काफी युवा होगी. टीम राहुल में ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और जतिन प्रसाद जैसे युवा चेहरे काफी मजबूत स्थिति में होंगे. ऐसे में पुराने चेहरों की छुट्टी भी संभव है.

कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी के हाथों में पार्टी की कमान आने के बाद नए सिरे से युवाओं को पार्टी से जोड़ने में मदद मिलेगी. जिन युवाओं से समर्थन के दम पर पिछले चुनाव में मोदी विजय रथ पर सवार हुए थे. अब राहुल के रणनीतिकार उस रथ पर राहुल को बैठाने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस के रणनीतिकारों को समझना होगा, महज युवा होने भर से राहुल युवाओं की पसंद नहीं बन सकते.

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे राहुल?

कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभालने जा रहे राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. इन चर्चाओं को खुद राहुल गांधी ने ही हवा दी है. विपक्ष के सभी नेताओं को एक  मंच पर आने की अपील भी राहुल गांधी की तरफ से की जा रही है. राहुल को लगता है कि मोदी विरोधी कोई मोर्चा बनता है तो फिर वो उस मोर्चे की तरफ से पीएम उम्मीदवार हो सकते हैं.

अब जबकि विरोधी मोर्चे से नीतीश कुमार भी छिटक गए हैं तो ऐसे में राहुल गांधी की उम्मीदें ज्यादा बढ़ गई हैं. अक्टूबर में राहुल गांधी की अगर अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो जाती है तो फिर उनके पास एक से डेढ़ साल का वक्त रहेगा. राहुल इसके लिए अपने-आप को तैयार करने में लगे हैं.

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