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क्या ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में गलती कर रही हैं ?

ममता बनर्जी गुस्से में राज्यपाल पद की गरिमा तक भूल गई हैं

Amitesh Amitesh Updated On: Jul 05, 2017 04:45 PM IST

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क्या ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में गलती कर रही हैं ?

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से काफी नाराज हो गई हैं. राज्य के उत्तरी 24 परगना जिले में बादुरिया हिंसा पर बात करने को लेकर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को बुलाया था, लेकिन, बात बनने के बजाए काफी बिगड़ गई.

लगता है राज्यपाल का सवाल-जवाब ममता को रास नहीं आया. क्योंकि, बाहर निकलने के बाद ममता ने राज्यपाल पर धमकी देने का आरोप लगा दिया. ममता बनर्जी का आरोप है कि मैं चुनकर आई प्रतिनिधि हूं लेकिन राज्यपाल ने एक चुनी हुई प्रतिनिधि से जिस लहजे में बात की, वो नाजायज है. बकौल ममता मुझे जनता ने चुना है लेकिन, राज्यपाल केंद्र की तरफ से भेजे गए हैं.

राज्यपाल के ऊपर आरोप लगाने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने-आप को अपमानित महसूस कर रही हैं. लेकिन, अपमान की इस आग में ममता इस तरह आग बबूला हैं कि उन्हें राज्यपाल पद की गरिमा का तनिक भी ख्याल नहीं आ रहा है.

राज्यपाल पर लगाए आरोप

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ममता बनर्जी तो केसरीनाथ त्रिपाठी के ऊपर बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख की तरह व्यवहार करने का आरोप लगा दिया. हालांकि राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने ममता बनर्जी के सभी आरोपों को नकार दिया है.

ममता बनर्जी के आरोपों के बाद पलटवार बीजेपी की तरफ से भी शुरू हो गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि पूरे पं बंगाल में अराजकता फैली हुई है. बीजेपी का आरोप है कि ममता राज में हिंदुओं के घर जलाया जा रहा है.

दरअसल, इस हिंसा की शुरूआत उस वक्त शुरू हुई थी जब उत्तरी 24 परगना जिले के बादुरिया में एक युवक की तरफ से फेसबुक पर एक पोस्ट किया गया था.  इस पोस्ट को विवादास्पद बताते हुए कुछ लोगों ने उस युवक के घर में आग लगा दी और फिर हिंसा की कोशिश की. इसी के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. धीरे-धीरे ये हिंसा दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव और हिंसा में तब्दील हो गई.

हलात को काबू में करने के लिए हर तरह की कोशिश की जा रही है. लेकिन, इस घटना ने पूरे बंगाल की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है.

बीजेपी के साथ ममता बनर्जी की तनातनी भले ही इस मसले पर हुई है. लेकिन, इसके पहले भी ममता के साथ बीजेपी के रिश्ते काफी खराब ही रहे हैं.

दरअसल, ममता बनर्जी की बेचैनी बीजेपी की बंगाल में बढती दखलंदाजी से है. 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी पूरे बंगाल में अपना पांव जमाने में लगी है.

राज्य में बीजेपी की संगठन विस्तार की कोशिशें रास नहीं आ रहीं

PTI Photo

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लगातार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर बाकी नेताओं का दौरा और वहां पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश ममता को रास नहीं आ रही है.

बीजेपी इस वक्त पूरे बंगाल में अपने-आप को मुख्य विपक्षी दल के तौर पर पेश करने में लगी है. ममता सरकार के खिलाफ हर मुद्दे पर मोर्चा खोलने की बीजेपी की कोशिशों ने उसे बंगाल में ममता का दुश्मन नंबर वन बना दिया है.

लेकिन, ममता बनर्जी इस मुद्दे पर संयम से काम लें तो ही बेहतर होगा. ममता अगर इस तरह की हिंसा को रोकने में असफल होती हैं तो ये उनके खिलाफ जा सकती है. क्योंकि सांप्रदायिक हिंसा के बाद वोटों का बिखराव और ध्रुवीकरण उनके खिलाफ जा सकता है.

लेकिन, ममता बनर्जी यहीं गलती कर रही हैं. कानून-व्यवस्था की सख्ती और सांप्रदायिक उन्माद को शांत कर ही ममता बंगाल में अपनी साख को बचा सकती हैं. वरना आगे उनके लिए राजनीतिक परेशानी और बढ़ने वाली हैं.

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