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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस के बाद जागी सरकार, 7 महीनों बाद SSP की नियुक्ति

दिलचस्प बात है कि चंडीगढ़ जैसे प्रमुख और केंद्र शासित प्रदेश में पिछले करीब सात महीनों से एसएसपी का पद खाली पड़ा है.

FP Staff Updated On: Aug 08, 2017 04:23 PM IST

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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस के बाद जागी सरकार, 7 महीनों बाद SSP की नियुक्ति

हरियाणा बीजेपी चीफ सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी पाया गया है. इस खबर के सामने आने के बाद से चंडीगढ़ इन दिनों देश भर की मीडिया का केंद्र बना हुआ है. मामला काफी बढ़ चुका है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.

दिलचस्प बात ये है कि चंडीगढ़ देश के प्रमुख शहरों में है. दो राज्यों की राजधानी ये शहर केंद्र शासित इलाका है. फिर भी पिछले करीब सात महीनों से एसएसपी का पद खाली पड़ा है. लेकिन अब माना जा रहा है कि छेड़छाड़ के इस हाईप्रोफाइल मामले को तूल पकड़ता देख सरकार ने अानन-फानन में एसएसपी नियुक्त कर दिया है.

वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी जगदले नीलांबरी विजय को एसएसपी का पदभार सौंपा गया है. विजय चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी होंगी. दिसंबर 2016 में एसएसपी सुखचैन सिंह गिल के तबादले के बाद से चंडीगढ़ में एसएसपी का पद खाली पड़ा है.

पंजाब कैडर की महिला आईपीएस अफसर विजय ने कहा है कि गृहमंत्रालय से मंगलवार को आदेश आया. मौजूदा पद छोड़ने के लिए अभी दो से तीन दिन का समय लगेगा. विजय इस समय पर फिल्लौर में महाराजा रंजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में कमांडेट-कम-डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं.

विजय इस पद पर तीन साल तक रहेंगी. वो लुधियाना, रोपड़ और पठानकोट में पदभार संभाल चुकी हैं. वहीं चंडीगढ़ में एसपी के पद पर तैनात एसपी ईश सिंघाल ही एसएसपी पद का कार्यभार संभाल रहे थे. पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ के एसएसपी के जगदले नीलांबरी का नाम फाइनल कर अप्रूवल के लिए एमएचए को भेजा था.

चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी के रूप में विजय के कंधों पर अभी से भारी जिम्मेदारी है. क्योंकि चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं. छेड़छाड़ का मामला काफी हाईप्रोफाइल माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लड़की का पीछा करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप बीजेपी हरियाणा के अध्यक्ष और विधायक सुभाष बराला के बेटे पर है.

क्या है मामला

विकास बराला और आशीष कुमार ने सीनियर आईएएस वीएस कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू की कार का पीछा किया था. उन्होंने लड़की के कार का दरवाजा भी खोलने की कोशिश की. लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के अगले ही दिन आशीष बराला को जमानत मिल गई. जांच में पाया गया कि आशीष बराला ने शराब पी रखी थी. पीड़ित ने इस पूरे वाकये को फेसबुक पर बयां किया था. हालांकि कांग्रेस समेत विपक्ष का आरोप है कि आशीष को पुलिस पर दबाव डालकर बचाया गया. आशीष, बीजेपी हरियाणा के अध्यक्ष और विधायक सुभाष बराला का बेटा है.

हालांकि सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि कानून नियम के मुताबिक कार्य करेगा. पूरे मामले में पार्टी और सुभाष बराला का कोई रोल नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं करेगी.

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