S M L

मॉनसून सत्र: सर्वदलीय बैठक से जेडीयू गायब, टीएमसी ने किया बहिष्कार

संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में कम से कम 16 नए विधेयक पेश किए जाएंगे

IANS Updated On: Jul 16, 2017 01:43 PM IST

0
मॉनसून सत्र: सर्वदलीय बैठक से जेडीयू गायब, टीएमसी ने किया बहिष्कार

संसद के मॉनसून सेशन से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हो रही है. कई पार्टियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं. हालांकि कुछ पार्टी के प्रतिनिधि शामिल नहीं हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत सरकार के प्रमुख मंत्री बैठक में हैं.

संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में कम से कम 16 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर जीएसटी विधेयक और नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल हैं.

नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिए सरकार अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के एक खास वर्ग को भारतीय नागरिकता देना चाहती है.

मॉनसून सत्र में सरकार की कोशिश राज्यसभा में 16 और लोकसभा में नौ पुराने विधेयकों को भी परित करवाने की होगी.

नीतीश की पार्टी गैरहाजिर

टीएमसी ने इस बैठक के बहिष्कार का फैसला किया है. उधर, जेडीयू ने भी सर्वदलीय बैठक से दूरी बना ली है. हालांकि पार्टी ने बहिष्कार की बात से इनकार किया है. पार्टी नेता केसी त्यागी ने कहा, शरद यादव जी और पार्टी के दूसरे सांसद व्यस्त हैं. इस वजह से हम सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने साफ़ किया कि यह बहिष्कार नहीं है.

इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

कश्मीर और चीन के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश में है. पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, पार्टी सुरक्षा के मुद्दों खासकर कश्मीर, किसानों, गौरक्षकों के हमलों, चीन के साथ सीमा विवाद को मानसून सत्र में उठाएगी.

मानसून सत्र में पेश होने के लिए सूचीबद्ध प्रमुख विधेयक

1. जीएसटी से जुड़े विधेयक : जम्मू-कश्मीर में जीएसटी लागू करने से संबंधित दो विधेयक. इसके अलावा पंजाब नगर निगम कानून (चंडीगढ़ तक विस्तारित) संसोधन विधेयक-2017 भी पेश किया जाएगा, जिसमें चंडीगढ़ नगर निगम को मनोरंजन और क्रीड़ा पर जीएसटी के तहत कर लगाने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान है.

2. बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक: इस विधेयक का उद्देश्य भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बैंकों के बुरे ऋण के निपटान का निर्देश देने का अधिकार प्रदान करना है.

3. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) विधेयक: इस विधेयक के जरिए एनआईए के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि, एनआईए की विशेष अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाना और अनुसूचित अपराधों की जांच में खास तकनीकी के इस्तेमाल की इजाजत देना है.

4. गैर-कानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम (संशोधन) विधेयक: संशोधन कर 'अदालत' की परिभाषा में सुधार ताकि महनिदेशक (डीजी) और एनआईए को जांच के अधीन आतंकवादी मामलों में संबंधित संपत्ति को जब्त करने का अधिकार दिया जा सके.

5. नागरिकता (संशोधन) विधेयक: इस विधेयक के जरिए सरकार अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से अवैध तरीके से भारत आने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है.

6. भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक: इस विधेयक के जरिए रिश्वत देने को भी अपराध घोषित किया जाएगा.

7. भारतीय प्रबंधन संस्थान विधेयक: इस विधेयक का उद्देश्य देश के मौजूदा 20 आईआईएम को स्वतंत्र वैधानिक दर्जा प्रदान करना है तथा उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करना है. इस विधेयक के पारित होने के साथ सभी आईआईएम अपने विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान कर सकेंगे.

8. व्हिसल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन) विधेयक: यह विधेयक राज्य सभा में पारित होने के लिए अटका हुआ है. इसके अलावा निर्धारित 10 श्रेणियों के तहत आने वाली भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारियों के खुलासे पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi