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इराक में लापता भारतीयों को बिना सबूत मृत कहना पाप है : सुषमा

सुषमा स्वराज ने तीन साल पहले इराक में 39 भारतीयों के लापता होने को लेकर लोकसभा में बयान दिया

Bhasha Updated On: Jul 26, 2017 03:54 PM IST

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इराक में लापता भारतीयों को बिना सबूत मृत कहना पाप है : सुषमा

इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों के संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि केंद्र सरकार इन सबकी तलाश जारी रखेगी. बुधवार को लोकसभा में इस बारे में बयान देते हुए सुषमा ने कहा कि भविष्य में ठोस सबूत मिलने पर ही उनके परिजनों को ताजा स्थिति की जानकारी दी जाएगी.

विदेश मंत्री ने कहा, ‘सरकार इन भारतीय की तलाश जारी रखेगी.’ उन्होंने कहा, ‘बिना सबूत इन लोगों को मृत घोषित करना पाप है और मैं इस पाप की भागी नहीं बनूंगी.’ इस मामले को लेकर देश को गुमराह करने के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि वो जिंदा हैं और न ही मैंने ये कहा कि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं. इराक के विदेश मंत्री पिछले दिनों भारत आए थे और उन्होंने यह भरोसा दिया है कि अब वह जो भी जानकारी देगा, पक्के सबूतों के साथ ही देगा.’

सुषमा ने कहा कि वह पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही लापता इन सभी भारतीयों के परिजनों को जानकारी देंगी. उन्होंने साथ ही कहा कि वह इस मसले को लेकर इन परिवारों से 12 बार मिल चुकी हैं.

विदेश मंत्री ने कहा कि इराक के विदेश मंत्री ने कहा है कि ये सभी भारतीय इराक के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए कामगार के तौर पर वहां गए थे. इसलिए उनकी सरकार भी इन सभी का पता लगाना अपना फर्ज समझती है.

उन्होंने कहा कि इराक की सरकार का कहना है कि 2016 के बाद से उन्हें इन लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. रही बात जिस जेल में इनके बंद होने की बातें कही जा रही हैं, उसके बारे में भारत सरकार ने इराक से कहा है कि वह जेल के तबाह होने से पूर्व वहां से निकलने वाले जेल के वार्डन से पूछताछ कर कैदियों के नामों की सूची में भारतीय कैदियों के वहां कभी मौजूद रहने के बारे में पता करे.

सुषमा स्वराज ने कहा कि 39 लापता भारतीयों के बारे में अभी तक ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है कि इन्हें आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने मार दिया है या ये अभी जिंदा हैं. इसलिए सरकार इसे लेकर अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है.

सुषमा ने इन खबरों को भी गलत बताया कि उन्होंने इन कैदियों के बदरूस जेल में होने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि जेल की तस्वीर भी केवल यह बताती है कि यह जेल अब ढह चुकी है. लेकिन ऐसे किसी सवाल का जवाब इससे नहीं मिलता कि जेल के तबाह होने से पहले कैदियों को कहां भेजा गया. यदि वो सब मारे गए हैं तो 20 हजार की क्षमता वाली जेल के कैदियों का क्या हुआ?

विदेश राज्य मंत्री को जानकारी जुटाने इराक भेजा गया था

विदेश मंत्री ने बताया कि मोसुल के आईएसआईएस के कब्जे से मुक्त होने की सूचना मिलते ही विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह को लापता भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए वहां भेजा गया.

सुषमा ने कहा कि इन लोगों को मृत घोषित करना बहुत आसान है क्योंकि इससे इनसे जुड़े सारे सवाल खुद ही खत्म हो जाएंगे लेकिन बिना सबूत के किसी को मृत घोषित करना पाप है. और यह पाप मैं नहीं करूंगी. उन्होंने वियतनाम युद्ध का हवाला देते हुे कहा कि इसमें लापता हुए लोगों को वियतनाम आज भी ढूंढ रहा है. जबकि, अमेरिका आज भी भारत में अपने दूसरे विश्व युद्ध में लापता लोगों को ढूंढने के लिए समय-समय पर अपनी टीमों को भेजता रहता है.

विदेश मंत्री ने कहा कि इन भारतीयों में से कोई भविष्य में अगर जिंदा आकर खड़ा हो गया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा. उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि जो यह कह रहे हैं कि भारतीय नागरिकों के बारे में मैं सच छुपा रही हूं तो वे लोग जाकर उनके परिजनों को अरदासा करने के लिए कह दें लेकिन बाद में जिम्मेदारी उनकी होगी.

लोकसभा में दिए अपने बयान में विदेश मंत्री ने फिर से इस बात को दोहराया कि सरकार इन लोगों की तलाश का काम जारी रखेगी.

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