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मोदी सरकार के तीन साल: बीजेपी के खिलाफ नई रणनीति बनाएगी कांग्रेस

नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला न करने की रणनीति बनाने पर चर्चा की है. इसके बदले पार्टी के नेता नीतिगत मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरेंगे

FP Staff | Published On: May 16, 2017 11:54 PM IST | Updated On: May 16, 2017 11:55 PM IST

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मोदी सरकार के तीन साल: बीजेपी के खिलाफ नई रणनीति बनाएगी कांग्रेस

कांग्रेस के भीतर सांगठनिक बदलाव की खबरें जोरों पर हैं. इस बीच मंगलवार को ये खबर आई कि कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी से निपटने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है.

कांग्रेस पार्टी की एक उच्चस्तरीय बैठक में नरेंद्र मोदी की लगातार बढ़ रही लोकप्रियता पर चर्चा हुई. इसमें ये तय किया गया है कि बीजेपी से निपटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर बहुआयामी रणनीति तैयार की जाए. जहां एक ओर पार्टी सांगठनिक बदलाव करने जा रही है.

दूसरी ओर इसने सभी राज्यों में लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की रणनीति बनाई है ताकि विपक्ष की आवाज और दिन प्रतिदिन के मुद्दों पर अपनी राय जनता के सामने पेश की जा सके.

नीतिगत मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति

सबसे अहम ये है कि पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला न करने की रणनीति बनाने पर चर्चा की है. इसके बदले पार्टी के नेता नीतिगत मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरेंगे.

ये फैसला ऐसे समय में आया है जब ईकोनॉमिक टाइम्स ने अपने सर्वेक्षण में बताया है कि सरकार बनने के तीन साल बाद भी नरेंद्र मोदी उतने ही लोकप्रिय हैं.

मोदी पर जाती हमले से नुकसान

इसके मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने सीधा संदेश दिया है. 2019 के चुनाव से पहले सरकार की नीतियों और खामियों को जमकर उजागर किया जाए लेकिन नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमले से बचा जाए.

पार्टी को कहीं न कहीं ये समझ में आ गया है कि मोदी पर जाती हमले से नुकसान ही पहुंचेगा, फायदा तो कतई होने वाला नहीं है. खास कर निजी हमले के बाद सोशल मीडिया पर जिस तरह से कांग्रेस के बड़े नेताओं की ट्रॉलिंग शुरू होती है, वो पार्टी के लिए काफी चिंताजनक है.

50 युवा नेताओं से लैस एक टीम तैयार होगी

इस बीच पार्टी में युवा नेताओं को आगे लाने की तैयारी चल रही है जो अलग-अलग राज्यों में कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने में उपाध्यक्ष राहुल गांधी का साथ देंगे. खबरों के मुताबिक कांग्रेस के 50 युवा नेताओं से लैस एक टीम तैयार होगी जो अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी संभालेगी.

कर्नाटक में कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे को नेतृत्व सौंपा है. उन पर अगले चुनाव से पहले पार्टी को मजूबत और एकजुट रखने की जिम्मेदारी है.

हाल ही में कांग्रेस ने कर्नाटक का प्रभारी बदला है और केसी वेणुगोपाल को ये जिम्मेदार सौंपी है. पहले ये जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह के पास थी. ऐसी खबरें भी हैं कि पार्टी 2010 से ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभाल रहे जी परमेश्वर को भी बदल सकती है.

राष्ट्रीय सचिवों को ज्यादा स्वतंत्रता देने की तैयारी

इस बीच केंद्रीय नेतृत्व में लोक लेखा समिति से खड़गे को हटाकर किसी और को ये जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रही है. इसी के साथ बदलाव के बीच कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी.

माना जा रहा है कि राहुल गांधी खुद पार्टी में युवा नेताओं को अग्रिम पंक्ति में लाना चाहते हैं ताकि सांगठनिक बदलाव के समय उन्हें अहम पदों पर मौका दिया जा सके.

लाइवमिंट के मुताबिक राज्य स्तर पर भी पार्टी में सांगठनिक बदलाव होगा. राहुल गांधी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों और राष्ट्रीय सचिवों को भी बदलना चाहते हैं.

पहले महासचिव के पास कई राज्यों की जिम्मेदारी होती थी और कई राष्ट्रीय सचिव उन्हें रिपोर्ट करते थे. अब राष्ट्रीय सचिवों को ज्यादा स्वतंत्रता देने की तैयारी हो रही है. ये सीधे तौर पर किसी राज्य के लिए जिम्मेदार होंगे. इससे पार्टी के नेताओं का उत्तरदायित्य स्पष्ट हो सकेगा.

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