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ईवीएम हैकिंग: चुनाव आयोग की 55 पार्टियों के साथ बैठक

आयोग के ईवीएम हैकिंग चुनौती की अपनी योजना के बारे में पार्टियों को जानकारी देने की संभावना है

Bhasha | Published On: May 12, 2017 11:46 AM IST | Updated On: May 12, 2017 11:46 AM IST

ईवीएम हैकिंग: चुनाव आयोग की 55 पार्टियों के साथ बैठक

चुनाव आयोग ने ईवीएम के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई. ईवीएम की विश्वसनीयता पर बहस के बीच चुनाव आयोग इस मुद्दे पर अपना रूख बताने के लिए 55 राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मिल रहा है.

आयोग ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर चर्चा करने के लिए सात राष्ट्रीय पार्टियों और 48 राज्य स्तरीय पार्टियों की बैठक बुलाई है. गौरतलब है कि ईवीएम में लोगों का विश्वास खत्म हो जाने का दावा करते हुए 16 पार्टियों ने आयोग से मतपत्र के जरिए चुनाव कराने की व्यवस्था की ओर लौटने का अनुरोध किया था.

आयोग के ईवीएम हैकिंग चुनौती की अपनी योजना के बारे में पार्टियों को जानकारी देने की संभावना है.

प्रस्तावित बैठक से कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में एक वोटिंग मशीन की हैकिंग को प्रदर्शित किया था. पार्टी ने इस प्रदर्शन के लिए ईवीएम के एक प्रारूप का इस्तेमाल किया था.

हालांकि, चुनाव आयोग ने आप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह ईवीएम जैसा दिखता है लेकिन वह चुनाव आयोग का ईवीएम नहीं है.

विपक्ष में है मतभेद

शुक्रवार को चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में बीजेपी से भूपेंद्र यादव, जेडीयू से केसी त्यागी, आम आदमी पार्टी से मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज, एनसीपी से डीपी त्रिपाठी और बीएसपी से सतीश चंद्र मिश्र शामिल हुए. लेकिन बैठक में विपक्ष बंटा हुआ लग रहा है.

अभी तक ईवीएम में टेंपरिंग की बात कर रहे सौरभ भारद्वाज अब VVPAT से चुनाव कराने की बात कर रहे हैं. तो वहीं बीएसपी बैलेट पेपर से चुनाव कराने के पक्ष में है. वहीं जेडीयू के केसी त्यागी ने कहा कि चुनाव आयोग विश्वास बहाल करे.

ईवीएम हैकिंग की चुनौती की तारीख होगी तय!

सर्वदलीय बैठक के बाद प्रस्तावित चुनौती की तारीख के बारे में फैसला किया जाएगा. कुछ पार्टियों ने मांग की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई मशीनों को परखने की इजाजत दी जाए.

इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा

मतदाताओं को रिश्वत देने को लेकर आरोप पत्र में नामजद उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने, चुनावी भ्रष्टाचार को गैर जमानती अपराध बनाने और ‘पेपर ट्रेल’ के जरिए मतगणना के आदेश के लिए नियमों को आसान करने जैसे मुद्दों पर राजनीतिक पार्टियों के साथ होने वाली बैठक में चुनाव आयोग चर्चा करेगा.

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