S M L

राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को: चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

28 जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया के बाद 17 जुलाई को चुनाव और 20 जुलाई को मतगणना की जाएगी

FP Staff | Published On: Jun 14, 2017 02:54 PM IST | Updated On: Jun 14, 2017 02:54 PM IST

राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को: चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

चुनाव आयोग ने बुधवार को जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अधिसूचना जारी कर दी.

इसके साथ ही बुधवार से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई. यह प्रकिया 28 जून तक चलेगी. राष्ट्रपति चुनाव के लिए आगामी 17 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और 20 जुलाई को मतगणना होगी.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त होगा.

कुल 4896 प्रतिनिधि डालेंगे वोट

इस चुनाव में कुल 776 सांसद और 4120 विधायक वोट डालेंगे. परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव का संयोजक लोकसभा सचिवालय को बनाया गया है. पिछली बार यह जिम्मेदारी राज्यसभा सचिवालय ने निभाई थी. लोकसभा महासचिव राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी होंगे. इस संबंध में निर्वाचन आयोग की सलाह के बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए विभाग बनाया गया है.

नियमों के मुताबिक चुनाव में राजनीतिक दल मतदान के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकते, मतलब सांसदों-विधायकों को अपने मन से वोट देने की छूट होगी.

इलेक्टोरल कॉलेज के जरिये होता है चुनाव

भारत में राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है. यानी हर चुने हुए सांसद, विधायक और विधान परिषद के सदस्यों के आधार पर राज्यों के इलेक्टोरल वोट तय किये जाते हैं.

जहां संसद के दोनों सदनों के सदस्य संसद में मतदान करेंगे, वहीं राज्यों के प्रतिनिधि भी अपने-अपने राज्यों में मतदान करेंगे. संविधान के अनुच्छेद-55 में देश में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया की निर्धारित की गई है.

राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारियां

चुनाव के लिए राजनैतिक पार्टियों ने भी तैयारिया शुरू कर दी हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित वेंकैया नायडू, अरुण जेटली और राजनाथ सिंह से चर्चा कर चुके हैं. उन्होंने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है जो विपक्ष सहित सभी राजनैतिक दलों से बातचीत करेगी. यह आम सहमति कायम करने की भी कोशिश करेगी.

जहां एक ओर पटना से बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा लाल कृष्ण आडवाणी को योग्य व्यक्ति बता चुके हैं वहीं शिवसेना लगातार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने की मांग करती रही है.

विपक्ष ने भी इसके लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है. विपक्षी दल इस मुद्दे पर बैठक भी कर चुके हैं लेकिन संयुक्त उम्मीदवार पर आम सहमति नहीं बन पाई है.

(साभार: न्यूज़18)

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi