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लालू की बेटी मीसा और दामाद शैलेश से ईडी ने 9 घंटे तक की पूछताछ

लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के दिल्ली में तीन ठिकानों पर शनिवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की

FP Staff Updated On: Jul 08, 2017 07:14 PM IST

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लालू की बेटी मीसा और दामाद शैलेश से ईडी ने 9 घंटे तक की पूछताछ

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके दामाद शैलेश से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब 9 घंटे तक पूछताछ की है. ईडी ने पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि ईडी ने दिल्ली में मीसा और शैलेश के तीन ठिकानों पर छापेमारी में कई दस्तावेज बरामद किए हैं. दोनों के ऊपर 8 हजार करोड़ के काले धन को सफेद करने का आरोप है.

इसके पहले दोनों के तीन ठिकानों पर शनिवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की. सुबह तकरीबन 9.30 बजे ईडी मीसा भारती के फॉर्म सहित तीन ठिकानों पर पहुंची. बेनामी संपत्ति के मामले में ही यह छापेमारी हुई.

शनिवार को छापेमारी के बाद मीसा के पति शैलेश से ईडी की टीम ने करीब 9 घंटे पूछताछ की. पूछताछ के लिए ईडी की टीम शैलेश को अपने साथ लेकर गई.

इससे पहले भी बेनामी संपत्ति को लेकर मीसा और उनके पति शैलेश से इनकम टैक्स ने पूछताछ की थी.

इससे पहले सीबीआई ने पटना में शुक्रवार को राबड़ी देवी के आवास सहित लालू यादव के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी. सीबीआई ने पूरे घर की तलाशी ली थी और फिर राबड़ी देवी और तेजस्वी से लंबी पूछताछ की थी.

प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति के दिल्ली स्थित तीन फार्महाउसों और उनसे संबंधित एक फर्म पर प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत शनिवार को छापे मारे.

केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने यहां घिटोरनी, बिजवासन और सैनिक फार्म क्षेत्रों में शनिवार सुबह छापे मारे.

ये फार्महाउस मीसा, उनके पति शैलेश कुमार और मैसर्स मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है.

प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि दो और परिसर एजेंसी के जांच के दायरे में हैं और इनकी तलाशी बाद में ली जा सकती है.

क्या है मामला?

एजेंसी द्वारा की जा रही यह छापेमारी दो भाइयों सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन तथा अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन के एक मामले की जांच से संबंधित है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने मुखौटा (शेल) कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए कई करोड़ों रुपए के काले धन को सफेद में बदला.

जैन भाइयों को प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था.

गिरफ्तार भाइयों द्वारा चलाई जा रही कंपनी में से एक फर्म मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड भी है. मीसा और उनके पति पहले कथित तौर पर इस फर्म के निदेशक रह चुके हैं.

एजेंसी ने बताया कि इन्होंने पाया है कि मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के 1,20,000 शेयर साल 2007-08 में 100 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से चार मुखौटा कंपनियों शालिनी होल्डिंग्स लिमिटेड, एड-फिन कैपिटल सवर्सिेज:इंडिया: प्राइवेट लिमिटेड, मणि माला दिल्ली प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था.

एजेंसी ने बताया कि बाद में इन 1,20,000 शेयरों को मीसा ने प्रति शेयर 10 रुपए के हिसाब से खरीदा लिया.

प्रवर्तन निदेशालय ने मीसा से कथित रूप से संबंधित सीए राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया है. अग्रवाल ने मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स लिमिटेड में 60 लाख रुपए की एकोमोडेशन एंट्री (काले धन से जुड़ी) की थीं.

मीसा द्वारा शेयर खरीदने से पहले यह फर्म 25, तुगलक रोड पर पंजीकृत थी. साल 2009-10 में इसका पता बदलकर बिजवासन हो गया.

 

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