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साइकिल चुनाव चिन्ह पर आयोग ने फैसला सुरक्षित रखा

चुनाव आयोग में अभी फैसला नहीं हुआ तो दोनों गुटों को अलग-अलग सिंबल मिल सकता है.

FP Staff | January 13, 2017, 07:25 PM IST

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Jan 13, 2017

  • 17:31(IST)

    चुनाव आयोग से बाहर निकलते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी है. अब चुनाव आयोग को फैसला सुनाना है. चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कपिल सिब्बल अखिलेश गुट की तरफ से मामले में पैरवी कर रहे थे.

  • 17:29(IST)

    करीब पांच घंटे तक दोनों पक्षों की सुनवाई चली. जिसमें अखिलेश और मुलायम दोनों गुटों ने अपना पक्ष रखा. अब चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चुनाव आयोग जल्द ही अपना फैसला सुना सकता है.  

  • 17:27(IST)

    चुनाव आयोग ने साइकिल चुनाव चिन्ह पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

  • 17:26(IST)

    चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि पार्टी में कोई फूट नहीं है. साइकिल पर कोई दो राय नहीं है. मैं सारे मतभेद दूर कर दूंगा.

  • 17:07(IST)

    चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि पार्टी में कोई फूट नहीं है. साइकिल पर कोई दो राय नहीं है. मैं सारे मतभेद दूर कर दूंगा.

  • 16:33(IST)

    कुछ टेलीविजन चैनल्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से जानकारी दी जा रही है कि चुनाव आयोग में मुलायम सिंह यादव अपनी बात से पलट गए हैं. उन्होंने कहा है कि वो मार्गदर्शक मंडल में हैं इसलिए कोई विवाद नहीं है. कुछ अंदरुनी विवाद है जिसे सुलझा लिया जाएगा.

  • 16:31(IST)

    चुनाव आयोग में साइकिल पर सुनवाई जारी है. मुलायम सिंह यादव का गुट अपना पक्ष रख रहा है. इसके पहले अखिलेश गुट की सुनवाई पूरी हो चुकी है. कपिल सिब्बल ने कहा है कि अधिकतर विधायक अखिलेश के साथ हैं. इसलिए साइकिल अखिलेश यादव को ही मिलनी चाहिए.

  • 16:07(IST)

    चुनाव आयोग में साइकिल पर सुनवाई जारी है. मुलायम सिंह यादव का गुट अपना पक्ष रख रहा है. इसके पहले अखिलेश गुट की सुनवाई पूरी हो चुकी है. कपिल सिब्बल ने कहा है कि अधिकतर विधायक अखिलेश के साथ हैं. इसलिए साइकिल अखिलेश यादव को ही मिलनी चाहिए.

  • 15:21(IST)

    समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में सुनवाई फिर से शुरू हो गई है. 

  • 14:19(IST)

    समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में सुनवाई फिलहाल लंच के लिए रोक दी गई है. सुनवाई 3 बजे फिर से शुरू होगी.

  • 13:30(IST)
  • 13:29(IST)
  • 13:29(IST)

    चुनाव आयोग में सुनवाई से पहले दोनों गुटों ने गुरुवार को पूरे दिन कानूनी राय ली. अखिलेश गुट की ओर से रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वहीं मुलायम सिंह गुट की ओर से इसकी जिम्मेदारी अमर सिंह और शिवपाल सिंह यादव उठा रहे हैं. हालांकि गुरुवार को भी दोनों गुट के बीच समझौते की कोशिश जारी रही.

  • 13:28(IST)

    अखिलेश की ओर से पैरवी करने के लिए कपिल सिब्बल पहुंचे हैं. वहीं मुलायम का पक्ष मोहन पराशर रखेंगे.

  • 13:28(IST)

    अखिलेश गुट के नेता रामगोपाल यादव, किरणमय नंदा, जावेद अली, नरेश अग्रवाल चुनाव आयोग पहुंच गए हैं. वहीं, मुलायम सिंह यादव अंबिका चौधरी और शिवपाल यादव के साथ चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे हैं.

साइकिल चुनाव चिन्ह पर आयोग ने फैसला सुरक्षित रखा

असली समाजवादी पार्टी कौन है इसका फैसला शुक्रवार को हो सकता है. चुनाव आयोग समाजवादी पार्टी में चल रहे विवाद पर सुनवाई करेगा. आयोग 'साइकिल' चुनाव चिह्न पर अपना फैसला सुना सकता है.

अखिलेश गुट के नेता रामगोपाल यादव, किरणमय नंदा, जावेद अली, नरेश अग्रवाल चुनाव आयोग पहुंच गए हैं. वहीं, मुलायम सिंह यादव अंबिका चौधरी और शिवपाल यादव के साथ चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे हैं.

अखिलेश की ओर से पैरवी करने के लिए कपिल सिब्बल पहुंचे हैं. वहीं मुलायम का पक्ष मोहन पराशर रखेंगे.

समाजवादी पार्टी के दोनों गुट ने खुद को असली समाजवादी पार्टी बताते हुए साइकल सिंबल पर अपना दावा ठोका है. संभव है कि चुनाव में समय कम बचे होने के कारण आयोग चुनाव चिह्न पर जल्द फैसला करे.

अगर चुनाव आयोग में तत्काल फैसला नहीं हो पाता है तो यह भी संभव है कि दोनों गुटों को अलग-अलग सिंबल आवंटित हो जाएगा. अगर कोई गुट अपना दावा वापस ले लेता है तो विवाद खत्म हो जाएगा और आयोग कुछ नहीं करेगा. हालांकि इसकी संभावना कम ही लग रही है.

इससे पहले खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग में सुनवाई से पहले दोनों गुटों ने गुरुवार को पूरे दिन कानूनी राय ली. अखिलेश गुट की ओर से रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वहीं मुलायम सिंह गुट की ओर से इसकी जिम्मेदारी अमर सिंह और शिवपाल सिंह यादव उठा रहे हैं. हालांकि गुरुवार को भी दोनों गुट के बीच समझौते की कोशिश जारी रही.

बातचीत के सही दिशा में जाने पर संभव है कि दोनों गुट आयोग से 3-4 दिनों का समय लेकर समझौते के लिए वक्त मांग लें और इस बीच समझौता कर लें. गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए 17 जनवरी से नॉमिनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी.

अखिलेश गुट के लिए कपिल सिब्बल के बतौर पैरोकार आने से इस कयास को बल मिला है कि अखिलेश के नेतृत्व वाली धड़ा कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकता है. इस मसले पर राहुल-प्रियंका पहले भी बात कर चुके हैं.

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