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'राजनीति से प्रेरित है रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना'

सोमवार को उद्धव ठाकरे ने कहा कि एक दलित को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाना सिर्फ वोट बैंक राजनीति का हिस्सा है

FP Staff | Published On: Jun 19, 2017 10:32 PM IST | Updated On: Jun 19, 2017 10:32 PM IST

'राजनीति से प्रेरित है रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना'

बीजेपी द्वारा रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किए जाने पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कोई स्पष्ट राय नहीं रखी ही. हालांकि ठाकरे ने केंद्र के इस फैसले को राजनीति से प्रभावित बताया.

सोमवार को उद्धव ठाकरे ने कहा कि एक दलित को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाना सिर्फ वोट बैंक राजनीति का हिस्सा है. हालांकि शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वो रामनाथ कोविंद के समर्थन को लेकर अपना आखिरी फैसला मंगलवार को बताएंगे.

वहीं इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने के मुद्दे पर फैसला करने के लिए पार्टी नेताओं की बैठक बुलाएंगे.

बता दें कि एनडीए में दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी शिवसेना के बीजेपी से तब से असहज संबंध रहे हैं जब 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल अलग हो गए थे. हालांकि शिवसेना बाद में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में शामिल हो गई थी, लेकिन वो विमुद्रीकरण और सीमा पर तनाव जैसे सभी बड़े मुद्दों पर बीजेपी पर निशाना साधती रही है.

राउत ने संवाददाताओं से कहा, 'अमित शाह ने बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार तय किए जाने के बाद उद्धवजी से बात की.'

उन्होंने कहा, 'उद्धवजी ने उनसे कहा कि वो किसी फैसले पर पहुंचने के लिए पार्टी नेताओं की बैठक बुलाएंगे और एक-दो दिन में उन्हें अपना जवाब देंगे.'

राउत ने कहा, 'हमने पद के लिए दो नाम सुझाए थे. एक नाम आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का था. अगर उन्हें इससे समस्या थी तो हम जाने माने कृषि विशेषज्ञ एमएस स्वामीनाथन को चाहते थे. लेकिन क्योंकि उन्होंने अन्य नाम तय कर लिया है, लिहाजा पार्टी अपने फैसले के बारे में बीजेपी को जल्द अवगत कराएगी.'

गौरतलब है कि महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 122 विधायक हैं और उसका दावा है कि उसके पास कुछ और विधायकों का भी समर्थन है. संसद में महाराष्ट्र से 67 सदस्य हैं. इनमें से 48 लोकसभा में और 19 राज्सभा में हैं.

वहीं, राज्य से बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में शिवसेना सहित 52 सांसद हैं. इनमें से शिवसेना के 21 सांसद, 18 लोकसभा और 3 राज्यसभा में हैं. राज्य से बीजेपी के 23 लोकसभा सांसद और पांच राज्यसभा सदस्य हैं. इन्हें मिलाकर कुल 19,824 मत बनते हैं.

महाराष्ट्र से कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए के दोनों सदनों में 15 सांसद हैं. यूपीए के सांसदों को मिलाकर कुल 10,620 मत बनते हैं.

(न्यूज़ 18 से साभार)

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