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बाल तस्करी में शामिल बीजेपी नेता सीआईडी की हिरासत में

17 बच्चों की तस्करी के मामले में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है

IANS Updated On: Mar 01, 2017 10:52 PM IST

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बाल तस्करी में शामिल बीजेपी नेता सीआईडी की हिरासत में

पश्चिम बंगाल में बाल तस्करी रैकेट में कथित तौर पर शामिल भारतीय जनता पार्टी  नेता जूही चौधरी को बुधवार को 12 दिनों के लिए सीआईडी की हिरासत में भेज दिया गया.

सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. कड़ी सुरक्षा और मीडियाकर्मियों की मौजूदगी के बीच चौधरी को सिलीगुड़ी में मुख्य न्यायिक न्यायाधीश की अदालत के सामने पेश किया गया.

अभियोजन पक्ष ने जहां उनकी सीआईडी रिमांड की मांग की, वहीं बचाव पक्ष के वकील ने उनकी जमानत मांगी.

सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजेश कुमार ने कहा, 'चौधरी को 12 दिनों की सीआईडी की हिरासत में भेजा गया है.' उन्होंने आरोप लगाया कि नवजातों की तस्करी में वह शामिल है.

जूही को दार्जिलिंग में भारत-नेपाल सीमा के निकट बतासिया इलाके से मंगलवार रात सीआईडी ने गिरफ्तार किया था.

जलपाईगुड़ी जिले के इस मामले में सिर्फ जूही चौधरी को ही गिरफ्तार किया गया है और राजनीतिक लोगों के जुड़े होने के कारण पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है.

17 बच्चों की तस्करी मामले में नाम आने के बाद चौधरी पिछले कई दिनों से फरार थीं.  गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए माटिगारा पुलिस थाने लाया गया.

सीआईडी के मुताबिक, उनके जासूसों ने एक डायरी बरामद की है, जिसमें चौधरी का बाल तस्करों और सहआरोपी मानस भौमिक से संबंधों के बारे में विवरण दर्ज है, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था.

डायरी के मुताबिक, चौधरी बीते दो फरवरी को मुख्य आरोपी चंदना चक्रवर्ती के साथ दिल्ली गईं और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय से उन्होंने मुलाकात की.

सूत्रों ने कहा कि माना जाता है कि जलपाईगुड़ी में एक एडॉप्शन सेंटर के बारे में चर्चा के लिए उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की.

चौधरी की गिरफ्तारी ठीक उसी दिन हुई है, जब मामले में पहले से गिरफ्तार चंदना चक्रवर्ती ने उन पर गलत काम में मौजूदगी का आरोप लगाया.

फर्जी कागजातों के आधार पर कम से कम 17 बच्चों को बेचने को लेकर जलपाईगुड़ी में चाइल्ड एडॉप्शन सेंटर विमला शिशुगृह की अध्यक्ष चक्रवर्ती को चीफ एडॉप्शन ऑफिसर सोनाली मंडल के साथ गिरफ्तार किया गया था.

चक्रवर्ती ने मंगलवार को कहा, 'चौधरी बीते तीन साल से एडॉप्शन सेंटर से जुड़ी थीं. अगर वहां कुछ भी गलत या अनैतिक हुआ तो यह उनके द्वारा किया गया है. मुझे क्यों फंसाया जा रहा है? मैं दोषी नहीं हूं.'

अपने संगठन के लिए मदद की मांग को लेकर उन्होंने चौधरी के साथ दिल्ली जाने की बात स्वीकारी और दावा किया कि बीजेपी नेता ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ जब बातचीत की, तब वह अलग कमरे में थीं.

चक्रवर्ती ने कहा, 'जूही ने मुझे विश्वास दिलाया था कि वह सभी मुद्दों से निपट लेंगी.'

उन्होंने कहा, 'मैंने किसी से बातचीत नहीं की, बल्कि जूही ने की. उसने बीजेपी  नेता रूपा गांगुली और कैलाश विजयवर्गीय से बातचीत की होगी. मैं एक अलग कमरे में बैठी थी. हम निर्दोष हैं, हम निश्चित तौर पर जांच में मदद करेंगे.'

बीजेपी ने पल्ला झाड़ा

इस बीच, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को कहा कि, 'उनकी पार्टी की कानूनी शाखा चौधरी को जमानत पर छुड़ाने का प्रयास करेगी.'

घोष ने कहा कि, 'पार्टी फिलहाल उन्हें निर्दोष या दोषी नहीं ठहरा रही, लेकिन कानून अपना काम करेगा.

घोष ने मंगलवार को आरोप लगाया कि, 'बड़ी राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है.'

उन्होंने कहा, 'जूही हमारी पार्टी की कार्यकर्ता हैं. मैं उन्हें जानता हूं, अब अचानक उनका नाम मामले से जोड़ दिया गया है. इसलिए हम अपना वक्त दे रहे हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि हम उन्हें निर्दोष करार दे रहे हैं.'

घोष ने कहा, 'कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी अगर वह दोषी होंगी, तो पार्टी उनका पक्ष नहीं लेगी. उन्हें कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए. पार्टी की कानूनी शाखा उनकी जमानत कराने का प्रयास करेगी, जब तक कि उन्हें दोषी नहीं करार कर दिया जाता.'

विजयवर्गीय ने कहा ममता सरकार पर भरोसा नहीं

बीजेपी पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को पुलिस की कार्रवाई को छवि खराब करने वाला बताया और मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की.

विजयवर्गीय ने कहा, ‘ममता बनर्जी की सरकार में पुलिस एक राजनीतिक दल की तरह कार्य कर रही है. पुलिस स्टेशनों को पार्टी कार्यालय बना दिया गया है और अधिकारी (सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के) कैडर के तौर पर कार्य कर रहे हैं.’

इससे पहले नौकरी चाहने वालों से जबरन पैसा वसूलने के लिए बीजेपी की बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि, ‘राज्य में बीजेपी को परेशान करने के लिए तृणमूल गिरफ्तारी को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे पुलिस जांच पर कोई भरोसा नहीं है. साजिश की तहत के बाद एक हमारी पार्टी के नेताओं को गलत तरीके से फंसाया और गिरफ्तार किया जा रहा है. हमें इस बंगाल सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है.

विजयवर्गीय ने कहा, ‘वो किसी भी हद तक जा सकते है. हम इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना चाहते हैं.’

विजयवर्गीय ने जोर देकर कहा कि, ‘यदि पार्टी का कोई किसी भी सदस्य रैकेट में शामिल पाया गया तो पार्टी कार्रवाई करेगी.’

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