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'हिंदू-मुस्लिम एकता करनी है तो मस्जिद कहीं भी बना लीजिए, राम मंदिर तो वहीं बनेगा'

बीजेपी नेता ने कहा, अगर समझौता नहीं हुआ तो अदालत तो है ही

Bhasha | Published On: May 04, 2017 05:33 PM IST | Updated On: May 04, 2017 06:20 PM IST

'हिंदू-मुस्लिम एकता करनी है तो मस्जिद कहीं भी बना लीजिए, राम मंदिर तो वहीं बनेगा'

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की कानूनी लड़ाई में जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए आज कहा कि अगर मुसलमान इस मामले में समझौता नहीं करना चाहते तो मामले को समाधान अब अदालत से ही होगा.

स्वामी ने कहा है कि अगर हिंदू-मुस्लिम एकता करनी है, मस्जिद कहीं भी बना लीजिए. जहां राम पैदा हुए, वहां तो बना नहीं सकते. मंदिर था, तोड़कर मस्जिद बनाई थी.

स्वामी ने कहा, 'संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार मेरा मौलिक अधिकार है कि मैं अपनी आस्था के अनुसार जहां चाहूं, वहां पूजा कर सकता हूं.'

इस बीच, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने स्वामी के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि स्वामी मुसलमानों को डराना-धमकाना बंद करें. हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है. हम कानून के प्रति कटिबद्ध हैं और अदालत जो भी फैसला करेगी, हम उसे मानेंगे.'

स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'अगर वे (मुसलमान) समझौता नहीं करना चाहते, तो अदालत तो है ही. हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जीत ही चुके हैं. जहां (बाबरी मस्जिद का) मध्य गुंबद था, वहीं आस्था के अनुसार रामलला का जन्मस्थल है.' हालांकि स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी से हुई मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार कर दिया.

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