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बाबरी मस्जिद: आडवाणी, जोशी, भारती की पुरानी फाइल खोलने पर सुनवाई आज

कोर्ट में इस बात का फैसला होना है कि आडवाणी के खिलाफ इस मामले में साजिश के आरोपों की फाइल दोबारा खोली जाए या नहीं

FP Staff Updated On: Apr 06, 2017 09:05 AM IST

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बाबरी मस्जिद: आडवाणी, जोशी, भारती की पुरानी फाइल खोलने पर सुनवाई आज

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बीजेपी के सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पुराने मामले खोलने पर सुनवाई होगी. कोर्ट में इस बात का फैसला होना है कि आडवाणी के खिलाफ इस मामले में साजिश के आरोपों की फाइल दोबारा खोली जाए या नहीं. आडवाणी के साथ ही बीजेपी के सीनियर नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह और दूसरे कई नेताओं की फाइल खुलने पर भी फैसला होना है.

अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में ज्वाइंट ट्रायल की अनुमति दे देता है तो फिर ये 1992 में बाबरी मस्जिद गिराने के लिए भड़काऊ भाषण देने का मामला ही नहीं रह जाएगा. फिर आडवाणी और दूसरे नेताओं के खिलाफ 1992 के बाबरी मस्जिद गिराने की कॉन्सपेरेसी में शामिल होने का केस भी चलाया जा सकेगा.

इसके पहले 22 मार्च को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने 6 अप्रैल की तारीख दे दी थी. अदालत ने सीबीआई और हाजी महबूब अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तारीख तय की थी.

आडवाणी और दूसरे नेताओं के खिलाफ पुराना मामला खोलने की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दायर की गई थी. इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय ने इस मामले में आरोपी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सहित अन्य को निर्दोष पाया था.

इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. अगर सुप्रीम कोर्ट फैसला बदलती है तो इन सभी नेताओं के खिलाफ पुराना मामला फिर से खोला जा सकता है. इससे पहले अदालत ने मार्च 2015 में आरोपियों से जवाब तलब किया था. सीबीआई ने उच्च न्यायालय के 21 मई 2010 को सुनाए फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी.

हाईकोर्ट ने नेताओं के खिलाफ आरोप हटाने के विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा था. उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सीबीआई की विशेष अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार और मुरली मनोहर जोशी के ऊपर लगे षड़यंत्र रचने के आरोपों को हटा दिया गया था.

 

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