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बाबरी मस्जिद तोड़ने के लिए डायनामाइट लेकर गए थे: जय भगवान

जय भगवान गोयल ने कहा है कि 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा सोची समझी रणनीति के तहत गिराया गया था

FP Staff Updated On: Apr 27, 2017 08:09 PM IST

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बाबरी मस्जिद तोड़ने के लिए डायनामाइट लेकर गए थे: जय भगवान

एक इंटरव्यू में राष्ट्रवादी शिवसेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विवादित बाबरी ढांचा गिराने के आरोपी जय भगवान गोयल ने कहा है कि 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा सोची समझी रणनीति के तहत गिराया गया था.

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘अयोध्या में उस दिन जो भी किया, सोच समझकर किया, दिल से किया और खुशी से किया.’

गोयल ने कहा कि साल 1990 में यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कार सेवकों की हत्या कराई, उनके शव सरयू में फेंकवा दिए. इन सबका हिंदू समाज में आक्रोश था और हिंदू समाज इसका बदला लेना चाहता था.

बाल ठाकरे को पता थी मस्जिद गिराने की योजना

उन्होंने कहा कि इसके लिए हमलोग पूरी तैयारी के साथ और डायनामाइट लेकर गए थे. गोयल ने बताया कि शिवसेना के स्थानीय विधायक पवन पांडेय ने हमलोगों को गैचा, गैंतिया, हथौड़े, सीढ़ी, लाठी, डंडे आदि मुहैया कराए थे.

न्यूज लॉन्ड्री के लिए मनोज रघुवंशी को दिए इंटरव्यू में गोयल ने बताया कि लाखों कार सेवकों में ज्वाला धधक रही थी. 500 वर्षों के कलंक को धोने के लिए सभी बेचैन थे. सभी का एक ही मकसद था, ढांचा गिरना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए अगर फांसी भी होती है तो मैं तैयार हूं.

उन्होंने कहा कि शिवसेना ने दिल्ली में बैठक कर तय किया था कि इस बार 6 दिसंबर को होनेवाली कार सेवा में ढांचा बचना नहीं चाहिए. गोयल ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे को इस फैसले के बारे में बताया तो वो खुश हो गए थे और उन्होंने भी कहा था कि ढांचा बचना नहीं चाहिए.

शर्म नहीं सम्मान की बात

उन्होंने ढांचा गिराने के बारे में कहा कि हम पूरी तैयारी से गए थे और वहां पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से बाबरी ढांचा तोड़ा. हमने पहले ही कह दिया था 1 दिसंबर 1992 को अयोध्या में इस बार कार सेवा शिव सेना स्टाइल में होगी.

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में सबसे पहले मुझे गिरफ्तार किया था. तब भी हमने इसे स्वीकार किया था. यह हमारे लिए शर्म की बात नहीं, सम्मान की बात है. 5 लाख लोगों के त्याग और समर्पण की बात है.

उन्होंने कहा, ‘मैं शिवसेना की तरफ से टीम का कैप्टन था. पांच बजे शाम तक ढांचा तोड़ दिया था. 8 बजे शाम में ट्रेन बैठ गए थे. सुबह 6 बजे तक दिल्ली पहुंच गए थे.’

राम मंदिर नहीं बना तो जनता मोदी-योगी को हटा देगी

गोयल ने कहा कि साल 2019 तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर नहीं बना तो मोदी और योगी दोनों को जनता हटा देगी. उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर बने इसकी जिम्मेदारी केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की है.

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मोदी-योगी हिंदुत्व और हिंदुओं का सम्मान रखते हुए राम मंदिर का निर्माण करवाएं.

उन्होंने कहा कि आज मोदी-योगी का युग है. हमें नहीं लगता कि अब तोड़फोड़ का समय है. हमारा विश्वास है कि सरकार 100 करोड़ हिंदुओं की भावना का सम्मान करते हुए देशभर में गुलामी के प्रतीकों को हटाएगी.

अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो देश का 100 करोड़ हिंदू कुछ भी करने में सक्षम है. मथुरा और काशी में भी मस्जिद तोड़ सकते हैं.

उन्होंने देश में कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं बनना चाहिए और यह भी कहा कि अगर बाबरी मस्जिद बनानी है तो पाकिस्तान में जाकर बनाओ.

जय भगवान गोयल 2008 से राष्ट्रवादी शिवसेना चला रहे हैं. पहले वे शिवसेना के उत्तर भारत के प्रभारी थे लेकिन 2008 के बाद उन्होंने मतभेद होने के बाद राष्ट्रवादी शिवसेना नाम की पार्टी बना ली.

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