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तमिलनाडु: किसान लड़ रहे हैं भूख की लड़ाई, विधायकों ने अपनी सैलरी बढ़वाई

तमिलनाडु के विधायकों का वेतन 50000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 1.05 लाख रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है

FP Staff Updated On: Jul 19, 2017 03:34 PM IST

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तमिलनाडु: किसान लड़ रहे हैं भूख की लड़ाई, विधायकों ने अपनी सैलरी बढ़वाई

चाहे वो संसद हो या विधानसभा अगर किसी मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष की एकता बनती है तो वह है सांसदों और विधायकों के वेतन की बढ़ोतरी का मुद्दा. इस मुद्दे पर सारे आपसी विरोध खत्म हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ सीन तमिलनाडु विधानसभा में देखने को मिला.

एक तरफ तमिलनाडु के किसान कर्ज माफी के लिए दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु विधानसभा ने विधायकों के वेतन में दोगुनी बढ़ोतरी करने वाले बिल को पास कर दिया. इस बिल द्वारा तमिलनाडु के विधायकों का वेतन 50000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 1.05 लाख रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है. इसके साथ ही पूर्व विधायकों को मिलने वाले पेंशन को भी 12000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है.

वेतन में बढ़ोतरी के अलावा विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य के लिए दिए जाने वाले फंड में भी बढ़ोतरी कर दी गई है. इसे 2 करोड़ रुपए से बढ़ाकार 2.6 करोड़ रुपए कर दिया गया है.

इस राज्य के विधायक को मिलता है सबसे अधिक वेतन 

हालांकि तमिलनाडु के विधायकों का वेतन अब 1.05 लाख रुपए होगा लेकिन अभी भी कई ऐसे राज्य हैं जहां विधायकों का वेतन इससे भी ज्यादा है. देश में सबसे अधिक वेतन तेलंगाना के विधायकों का है. उन्हें प्रतिमाह 2.5 लाख रुपए मिलते हैं. इसके बाद यूपी का नंबर है जहां विधायकों को 1 लाख 87 हजार रुपए प्रतिमाह मिलता है. इस कड़ी में तीसरा नंबर महाराष्ट्र का है.यहां विधायकों का वेतन 1.5 लाख रुपए है. चौथा नंबर आंध्र प्रदेश का है और पांचवां नंबर हिमाचल प्रदेश का है, जहां विधायकों का वेतन क्रमशः 1.30 लाख रुपए और 1.25 लाख रुपए प्रतिमाह है.

सबसे कम वेतन पूर्वोत्तर के राज्यों के विधायकों को मिलता है. त्रिपुरा में विधायकों का वेतन देश में सबसे कम है और उन्हें मात्र 17,500 रुपए प्रतिमाह मिलता है.

इस कड़ी में दिलचस्प पहलू यह है कि सबसे अधिक वेतन पाने वालों में दिल्ली के विधायकों का नंबर दूसरा हो सकता था. अभी दिल्ली के विधायकों का वेतन 88000 रुपए है. दिल्ली की आप सरकार ने इसे बढ़ाकर 2.10 लाख रुपए करने संबंधी विधेयक विधानसभा से पास किया था लेकिन केंद्र सरकार ने इसे लौटा दिया.

सांसदों ने भी उठाई वेतन बढ़ाने की मांग 

विधायकों के वेतन में उनके बेसिक वेतन के साथ-साथ उन्हें मिलने वाला यात्रा भत्ता, विधानसभा क्षेत्र भत्ता आदि भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा भी विधायकों को अन्य तरह की सुविधाएं मिलती हैं. एक अध्ययन के मुताबिक पिछले 10 सालों में भारत में विधायकों के वेतन में 1200 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

यह भी दिलचस्प तथ्य है कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को मिलने वाला वेतन कई राज्यों के विधायकों के वेतन से भी कम है. सांसदों का वेतन 50000 रुपए प्रतिमाह है. हालांकि उन्हें इसके अलावा अन्य सुविधाओं के साथ संसदीय क्षेत्र के भत्ते के रूप में 90000 रुपए भी प्रतिमाह मिलता है.

तमिलनाडु के विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी के बाद फिलहाल संसद में भी सांसदों के वेतन को बढ़ाने की मांग उठने लगी है. एसपी के नरेश अग्रवाल और कांग्रेस के आनंद शर्मा ने यह मांग उठाई है. सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर संसद ने एक समिति भी बनाई है जिसके प्रमुख गोरखपुर के सांसद और यूपी के वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ हैं.

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