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एमपी में बीजेपी और मजबूत करने पहुंचे अमित शाह, कांग्रेस पहले ही पस्त

बीजेपी कांग्रेस को हावी होने का कोई मौका देना नहीं चाहती जो पहले से ही आंतरिक विवादों के कारण कमजोर है

Debobrat Ghose Debobrat Ghose Updated On: Aug 18, 2017 07:52 PM IST

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एमपी में बीजेपी और मजबूत करने पहुंचे अमित शाह, कांग्रेस पहले ही पस्त

2019 में लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए गुरुवार को 350 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने तय कर दिया है. उनकी अगली ड्यूटी अब अगले तीन दिनों में मध्यप्रदेश बीजेपी के परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करना है जहां 2018 में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

तीन दिन की यात्रा पर शुक्रवार की सुबह शाह भोपाल पहुंचे हैं जो राज्यभर में पार्टी की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे. इस दौरान वे मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के परफॉर्मेंस को परखेंगे और विधानसभा चुनाव में किस तरह आगे बढ़ा जाए और किस तरह जिम्मेदारियां तय की जाएं, इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर आगे की रणनीति बनाएंगे.

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से लेकर बीजेपी के मुख्यालय दीन दयाल परिसर तक मध्यप्रदेश सरकार और राज्य बीजेपी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए स्वागत की भव्य तैयारी कर रखी थी. झीलों का शहर शाह के बड़े-बड़े कट आउट और बैनर से पट गया.

Amit Shah in Bhopal

चूंकि शाह ने अगले लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है. वे मध्यप्रदेश को हल्के में लेना नहीं चाहते, क्योंकि यह बीजेपी का गढ़ है. 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 165 सीटें मिली थीं, जो 2008 के चुनाव से 22 ज्यादा थीं. बीजेपी 2003 से ही प्रदेश में सत्ता में है जब पार्टी ने 10 साल तक सत्ता में रही दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को हराया था.

2018 के चुनाव हैं 2019 का सेमीफाइनल

2018 विधानसभा चुनाव नतीजों का असर 2019 लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा क्योंकि बीजेपी तब विजेता के रूप में नजर आएगी. राज्य की सत्ता में 15 साल पूरे कर चुकी बीजेपी को किसानों की नाराजगी और व्यापम घोटाले के अलावा एंटी इनकम्बेंसी का सामना करना पड़ सकता है.

मंदसौर में फूटा किसानों का आंदोलन और जून में इस वजह से पूरे मध्यप्रदेश में हुई हिंसा बीजेपी सरकार के लिए बड़ी चिंता बनकर उभरी है. राज्य में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के नतीजों में भी इसका असर दिखा है.

जीत की फूलप्रूफ रणनीति और कार्ययोजना बनाने की तैयारी में शाह के तीन दिवसीय मैराथन सेशन की शुरुआत शुक्रवार को दीनदयाल परिसर में सुबह 10.30 बजे पहली मीटिंग के साथ हो गई. इस बैठक में बीजेपी के केंद्रीय पदाधिकारी, राज्य बीजेपी के कोर ग्रुप के सदस्य, सांसद, विधायक, पार्टी के जिलाध्यक्ष और मध्यप्रदेश में विभिन्न सेल व निकायों के प्रमुख शामिल रहेंगे.

शाह ने देश में 110 दिन के भीतर एक लाख किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंचने का लक्ष्य तय किया है. इस यात्रा कार्यक्रम के अनुसार मध्यप्रदेश 19वां राज्य है.

एक के बाद एक बैठकों की श्रृंखला पूरी होने के बाद वे पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ डिनर करेंगे. लेकिन शाह के भोपाल आगमन से बहुत पहले से विपक्षी दल कांग्रेस ने मिश्रा के घर पर होने वाले इस डिनर पर सवाल उठा चुके हैं ताकि विवाद को हवा दी जा सके. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया, 'बीजेपी अध्यक्ष का नरोत्तम मिश्रा के घर डिनर पार्टी का दोहरा चरित्र बताता है जो एक तरफ भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की बात करती है और दूसरी ओर यह अपने भ्रष्ट नेताओं को भी बचाती है.'

चुनाव आयोग द्वारा बर्खास्त विधायक नरोत्तम मिश्र का बढ़ेगा कद

शिवराज सिंह चौहान सरकार में पूर्व मंत्री मिश्रा की विधायक के तौर पर सदस्यता चुनाव आयोग ने खत्म कर दी थी क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में पेड न्यूज का इस्तेमाल किया था और अपने चुनाव खर्च का ब्योरा आयोग को नहीं दिया था.

मिश्रा के घर शाह के दौरे से पार्टी के भीतर उनकी स्थिति मजबूत होगी. माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले मिश्रा को बड़ी भूमिका दी जाएगी. बीजेपी सूत्रों ने बताया है, 'अगर नरोत्तम मिश्रा को महत्व दिया जाता है और उन्हें नई भूमिका दी जाती है तो यह उनकी सांगठनिक क्षमता की वजह से होगा.

यूपी चुनाव के दौरान वे कानपुर के इंचार्ज थे और उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था. यहां तक कि उनकी ही वजह से हाल में हुए स्थानीय निकाय के चुनावों में बीजेपी ने ग्वालियर के दभ्रा वार्ड में पिछले 70 साल में पहली बार जीत हासिल की है.'

Shivraj Singh

सूत्रों ने आगे कहा कि मिश्रा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं क्योंकि वर्तमान अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान का कार्यकाल जल्द ही खत्म होने जा रहा है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी सभी अपनी सांसें थामे शाह की समीक्षा बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. इन्हें खास तौर से डिनर के बाद मध्यप्रदेश कैबिनेट के सदस्यों के साथ मीटिंग का इंतजार है. मंत्रियों के साथ अलग-अलग मुलाकात की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है.

मेरिट के आधार पर नेताओं को पद

राज्य बीजेपी के हर नेता के रिपोर्ट कार्ड का आधार उन नेताओं का व्यक्तिगत प्रदर्शन, अलग-अलग सूत्रों से प्राप्त फीडबैक, जीतने की क्षमता और उन नेताओं की सार्वजनिक छवि होगी. इन्हीं मानकों पर आने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवारी तय होगी.

एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने बताया, 'मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ मीटिंग से पहले पार्टी अध्यक्ष के पास पीएमओ और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के पास आई भ्रष्टाचार और दूसरे आरोपों की फेहरिस्त  भी पहुंच चुकी है.'

सूत्रों के मुताबिक उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन भी शाह करेंगे, जिसमें कांग्रेस 9 सीटों से 15 सीटों पर पहुंच गई और बीजेपी का आंकड़ा 28 से गिरकर 25 हो गया.

19 अगस्त को शाह पार्टी के कोर ग्रुप और दूसरे निकायों के साथ एक के बाद एक बैठक करेंगे, जिसमें वे केन्द्र और राज्य की कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री के आवास पर धार्मिक नेताओं और संतों के साथ वे लंच पर बातचीत करेंगे. लंच के बाद शाह प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

चूंकि 2017 में भारतीय जन संघ के पूर्व अध्यक्ष और राजनीतिक चिंतक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी मनाई जा रही है, शाह शताब्दी समारोह की प्रगति समझने के लिए 20 अगस्त को कोर ग्रुप के सदस्यों और कार्यसमिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.

Amit Shah 1

आधिकारिक व्यस्तता के अलावा बीजेपी प्रमुख राजधानी में अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान कई सार्वजनिक समारोहों में हिस्सा लेंगे.

नेताओं का कांग्रेस से बीजेपी में पलायन जारी

भोपाल में उनकी सक्रिय उपस्थिति का मतलब राज्य बीजेपी की ओर से ताकत का प्रदर्शन भी है क्योंकि सत्ताधारी दल कांग्रेस को हावी होने का कोई मौका देना नहीं चाहती, जो पहले से ही आंतरिक विवादों के कारण कमजोर है.

माना जा रहा है कि कांग्रेस के तीन विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. पार्टी सूत्रों ने दावा किया, 'इस बात की पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस के तीन विधायक बीजेपी में शामिल होंगे. इनमें से एक वर्तमान डिप्टी स्पीकर राजेंद्र सिंह हो सकते हैं जो पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के नजदीकी रिश्तेदार हैं. सीहोर से निर्दलीय विधायक सुदेश राय भी शुक्रवार या शनिवार को अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शरीक हो सकते हैं.'

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