S M L

मुलायम आज बेहैसियत हो चुके हैं: अमर सिंह

मैं अखिलेश यादव की तरक्की में बाधक नहीं हूं, उनकी पढ़ाई में मेरा भी योगदान है.

IANS Updated On: Jan 06, 2017 09:16 PM IST

0
मुलायम आज बेहैसियत हो चुके हैं: अमर सिंह

एसपी में मचे घमासान के बीच अमर सिंह ने शुक्रवार को सफाई देते हुए कहा कि वह अखिलेश के विरोधी नहीं हैं. अखिलेश यादव गुट की ओर से अमर सिंह को 'खलनायक' की तरह पेश किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि वह खुद चाहते हैं कि पिता-पुत्र के बीच का विवाद खत्म हो. मुलायम आज पार्टी में अकेले पड़ चुके हैं, वह बेहैसियत हो गए हैं.

अमर सिंह ने एसपी के कई नेताओं का नाम लिए बगैर उन पर जमकर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पाते.

बैकडोर से राजनीति नहीं करता 

उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब में कहा, ‘मैंने आज तक जो कुछ भी किया वह पार्टी के भले के लिए किया. मैंने एक पैसे का व्यापार नहीं किया. कोई ठेका-पट्टा नहीं लिया.’

उन्होंने कहा, ‘मुझ पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. ऐसा करने वालों से मेरी विनम्र चुनौती है कि जांच करा लें. वरना इस तरह के अनर्गल बयान देने वालों के मुंह पर लगाम लगा दी जाए.’

उन्होंने कहा ‘मैं नाम लेकर किसी का महत्व नहीं बढ़ाना चाहता लेकिन एक और नेता हैं. वह बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. वे बीएसपी और कांग्रेस में रह चुके हैं और इस वक्त अखिलेश के साथ हैं. वह मुझे बीजेपी का एजेंट कह रहे हैं.’ अमर सिंह का इशारा राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की तरफ था.

अमर ने कहा, ‘इस तरह अधूरे मन से कोई किसी के साथ नहीं रह सकता. अगर बीजेपी से मेरा संबंध होता तो मैं उसमें शामिल होता. मैं बैकडोर से राजनीति नहीं करता.’

mulayam singh yadav and shivpal singh yadav

शिवपाल ने अखिलेश को पाला है 

वहीं उन्होंने अखिलेश गुट पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिवपाल के जिन दागी साथियों का विरोध मुख्यमंत्री ने किया वह शिवपाल के साथ दागी थे. लेकिन आज मुख्यमंत्री के पास जाकर एफीडेविट देने पर साफ-सुथरे हो गए.

उन्होंने कहा कि सारे दागदार लोगों की छवि चमचमाने लगी. अंसारी बंधु भी साफ छवि के हो गए. अमर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘वृंदावन में रहना है तो हां जी हां जी कहना है.’

वहीं शिवपाल यादव का पक्ष लेते हुए अमर सिंह ने कहा, ‘शिवपाल ने अखिलेश को पाला-पोसा है. अखिलेश की पढ़ाई में मेरा भी योगदान है. मैं अखिलेश यादव की तरक्की में बाधक नहीं हूं.’

उन्होंने कहा कि जिस विचाराधारा में समाजवाद है, मैं उसमें शामिल हूं.

फिलहाल एसपी में समझौते के आसार नहीं 

इससे पहले शुक्रवार सुबह से ही अमर सिंह के पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की अटकलें लगाई जाती रहीं. वह पहले भी कह चुके थे, ‘अगर मेरे पीछे हटने से सुलह होती है तो मैं तैयार हूं.’

अमर सिंह 5 जनवरी को मुलायम के साथ दिल्ली से लखनऊ आए. शुक्रवार सुबह भी उन्होंने मुलायम से मुलाकात की. वहीं एसपी में मुलायम द्वारा अखिलेश की मांगें माने जाने की खबरें भी पूरे दिन सुर्खियों में रही. शिवपाल शुक्रवार सुबह खुद सीएम आवास पर पहुंचे. इसके बाद उन्होंने मुलायम से मुलाकात की.

हालांकि अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से कुछ भी साफ नहीं है. मुलायम की चार बजे पत्रकार वार्ता होनी थी, लेकिन उसे भी रद्द कर दिया गया.

रामगोपाल यादव की ओर से बुलाए राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. वहीं अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकालने का भी प्रस्ताव पारित किया गया. अखिलेश शुरुआत से ही अमर सिंह को बाहरी बताते हुए पार्टी में बिखराव की अहम वजह मानते हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi