S M L

योगी सरकार मंत्रियों और अधिकारियों से झाड़ू लगवाने के अलावा कुछ नहीं कर रही : अखिलेश

मुख्यमंत्री उम्र में भले ही मुझसे बड़े हैं, लेकिन काम में अभी बहुत पीछे हैं

IANS Updated On: Mar 26, 2017 01:17 AM IST

0
योगी सरकार मंत्रियों और अधिकारियों से झाड़ू लगवाने के अलावा कुछ नहीं कर रही : अखिलेश

 उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान पर चुटकी लेते हुए कहा कि अभी तो योगी सरकार मंत्रियों व अधिकारियों से झाड़ू लगवाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है.

अखिलेश ने कहा, 'हमें नहीं पता था कि अधिकारी इतनी अच्छी तरह से झाड़ू लगाते हैं, पता होता तो उनसे खूब झाड़ू लगवाई जाती.'

मीटिंग में नहीं बुलाया गया शिवपाल सिंह को

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जबर्दस्त हार की समीक्षा करने में जुटी एसपी की शनिवार को नेशनल एक्जीक्यूटिव की मीटिंग हुई. मीटिंग में जहां पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव गायब रहे, वहीं शिवपाल भी नजर नहीं आए. कहा जा रहा है कि नेशनल एक्जीक्यूटिव की मीटिंग में शिवपाल को बुलाया ही नहीं गया.मीटिंग में पार्टी के नेता आजम खां भी नहीं आए.

वहीं मीटिंग होने के बाद मीडिया से रूबरू हुए एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी की आगे की योजना को विस्तार से बताया, वहीं सूबे की आदित्यनाथ योगी सरकार के स्वच्छता अभियान, एंटी-रोमियो स्क्वैड और अवैध बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर अपने ही अंदाज में तंज कसे.

अखिलेश ने कहा, 'हम पहली कैबिनेट मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं.'

हमारे शेर बहुत भूखे हैं, नजदीक मत जाना

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी द्वारा लोकसभा में जाकर दिए उम्र वाले बयान पर तंज कसा और कहा कि मुख्यमंत्री उम्र में भले ही मुझसे बड़े हैं, लेकिन काम में अभी बहुत पीछे हैं.

अवैध बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा, 'इस सरकार ने मेरे शेरों को भूखा कर दिया है. हमारे शेर बहुत भूखे हैं, नजदीक मत जाना.'

उन्होंने कहा कि योगी का एंटी-रोमियो स्क्वैड वाहवाही लूटने के लिए युवाओं को बेवजह परेशान कर रहा है.कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए.

एक ही जाति के ट्रांसफर क्यों ?

एसपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योगी शासन में जाति विशेष को ध्यान में रखकर अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसफर और निलंबित किया जा रहा है. यह मुद्दा जब एक आईएएस अफसर हिमांशु कुमार ने ट्वीट कर उठाया, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया. योगी सरकार को आलोचना सहने की क्षमता बढ़ानी चाहिए.

शब्द हटाने से सरकार और कानून नहीं चलता

उन्होंने कहा कि एक बार राज्यपाल राम नाईक ने कहा था कि सभी यादव बैठे हैं. संवैधानिक पद संभाल रहे व्यक्ति को क्या ऐसा कहना चाहिए?

योजनाओं और एंबुलेंस वाहनों से 'समाजवादी' शब्द हटाए जाने पर उन्होंने कहा, 'शब्द हटाने से सरकार और कानून नहीं चलता. हम तो श्रवण यात्रा कराने वाले लोग हैं.'

मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग के शुद्धिकरण और वहां पूजा-अनुष्ठान कराए जाने पर अखिलेश ने कहा, 'मुख्यमंत्री हाउस के शुद्धिकरण से मुझे कोई दिक्कत नहीं है. मुझे वहां रह रहे दो मोर की ज्यादा फिक्र है. वे जाने कहां से उड़कर आ गए, मैंने उसे पाला. उन मोरों को दाना-पानी मिल रहा है या नहीं, यह चिंता है.'

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एसिड अटैक पीड़िता से मिलने वह और उनकी पार्टी के लोग भी जाएंगे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi