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‘आप’ में मचे घमासान के बाद कुमार विश्वास का अगला कदम क्या होगा?

इससे पहले कुमार विश्वास अमानतुल्ला खान से इस कदर नाराज हुए थे कि उस वक्त दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को उनके घर मनाने आना पड़ा था

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Nov 06, 2017 11:02 AM IST

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‘आप’ में मचे घमासान के बाद कुमार विश्वास का अगला कदम क्या होगा?

आम आदमी पार्टी की बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी पार्टी नेताओं की आंतरिक कलह को खत्म नहीं कर पाई. गुरुवार को दिल्ली के अलीपुर में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक तो हुई पर यह बैठक हंगामे और आरोप-प्रत्यारोपों की भेंट चढ़ गई. एक दिन की इस बैठक में कुमार विश्वास और अमानतुल्ला खान का मुद्दा ही छाया रहा.

गौरतलब है कि साल में एक बार आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होती है. इस बैठक में देशभर के 300 राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और 150 आमंत्रित सदस्य भाग लेते हैं. राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी की भावी रणनीति और पिछले एक साल में किए कामों का ब्यौरा दिया जाता है.

केजरीवाल के बैठक स्थल से निकलने के बाद हुआ मतभेद

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पहले से ही हंगामा होने के आसार थे. जहां बैठक  में पहुंचने के बाद अमानतुल्ला खान के समर्थकों ने कुमार विश्वास की गाड़ी को घेर लिया तो वहीं अमानतुल्ला खान की गाड़ी भी कुमार विश्वास के समर्थकों ने रोक दी. दोनों गुटों में काफी देर तक नारेबाजी होती रही.

हम आपको बता दें कि कुमार विश्वास और अमानतुल्ला खान के समर्थकों के बीच ये सब तब हुआ जब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल बैठक स्थल से निकल चुके थे.

New Delhi: AAP leader Kumar Vishwas and Amantullah's supporter shouting slogans after the party's 6th national council meeting in New Delhi on Thursday. PTI Photo (PTI11_2_2017_000191B) *** Local Caption ***

आम आदमी पार्टी की 6ठीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक स्थल के बाहर कुमार विश्वास और अमानतुल्ला खान के समर्थकों ने अपने नेता के समर्थन में नारे लगाए (फोटो: PTI)

राजस्थान में पार्टी के प्रभारी कुमार विश्वास ने इस घटना पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी. कुमार विश्वास ने कहा, ‘मैं इस दिन के लिए जंतर-मतर या रामलीला मैदान पर नहीं गया था. यह पार्टी मेरी है. जो लोग 20-25 सालों से दूसरी पार्टी की नौकरी करते आए हैं, वे लोग पार्टी छोड़ कर जाएंगे. पहले मुझे लगता था कि बीजेपी और कांग्रेस को मेरे बोलने से डर लगता है, पर अब लगता है कि मेरे बोलने से मेरे ही पार्टी के कुछ लोगों को डर लगने लगा है. पार्टी ने मुझे नहीं बोलने को कहा है इसलिए मैं नहीं बोल रहा हूं. मैं पहले भी कहा करता था कि अमानतुल्ला तो सिर्फ मुखौटा है.’

हम आपको बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक के लिए तैयार किए एजेंडे से कुमार विश्वास का नाम गायब था. बैठक शुरू होने के बाद ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने वक्ताओं की सूची से कुमार विश्वास का नाम शामिल नहीं करने पर सवाल खड़ा किया.

अमानतुल्ला पर पार्टी के फैसले से नाराज हैं कुमार विश्वास

कार्यकर्ताओं के तरफ से कुमार विश्वास का नाम शामिल करने को लेकर जब लगातार दबाव पड़ने लगा तो मनीष सिसोदिया ने कुमार विश्वास को मंच पर संबोधन के लिए आमंत्रित किया, लेकिन कुमार विश्वास ने मनीष सिसोदिया के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.

गौरतलब है कि इससे पहले जितनी भी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई है, उसमें कुमार विश्वास ही मंच का संचालन करते रहे हैं. आज की बैठक में कुमार विश्वास को न केवल मंच संचालन से दूर किया गया बल्कि पार्टी के पांच वक्ताओं की सूची से भी गायब कर दिया गया.

पिछले कुछ दिनों से कुमार विश्वास ओखला से आप विधायक अमानतुल्ला खान का निलंबन रद्द करने को लेकर नाराज चल रहे हैं. इसी साल ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पार्टी के भीतर काफी कोहराम मचा था.

कुमार विश्वास अमानतुल्ला खान से इस कदर नाराज हुए थे कि उस वक्त दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को उनके घर मनाने आना पड़ा था. बाद में अमानतुल्ला खान को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन दो दिन पहले ही अमानतुल्ला खान का निलंबन पार्टी ने रद्द कर दिया था.

हम आपको बता दें कि इससे पहले भी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हंगामेदार रही है. दो साल पहले योगेंद्र यादव, आनंद कुमार और प्रशांत भूषण को निष्काषित किया जाना उन्हीं हंगामों में से एक है. इस बार भी कुमार विश्वास के नाम को एजेंडे में शामिल नहीं किया जाना इससे पहले हुई परिषद बैठक की यादें ताजा करती है.

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