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11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करना ‘आप’ को रास नहीं आया

रिहा किए गए अधिकांश कैदी अलग-अलग क्षेत्रों से भारत में घुस आए थे

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jun 13, 2017 03:27 PM IST

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11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करना ‘आप’ को रास नहीं आया

भारत सरकार ने सोमवार को भारत के विभिन्न जेलों में बंद 11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर दिया. भारत के इस कदम को कूटनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लेकिन, आम आदमी पार्टी ने 11 पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई के फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया है.

पाकिस्तान के साथ जारी तनावपूर्ण माहौल में सोमवारो को 11 पाकिस्तानी परिवारों के लिए खुशी का मौका ले कर आया, जिनके पति और बेटा पिछले कई सालों से भारत के विभिन्न जेलों में बंद थे.

11 पाकिस्तानी कैदियों को बाघा सीमा बोर्डर पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सुपूर्द किया गया. रिहा किए कैदियों में से एक कैदी हिंदू है.

इन सभी कैदियों ने अपनी जेल की सजा पूरी कर ली है. पाकिस्तानी उच्चायोग ने इन कैदियों की सजा पूरी होने की बात भारतीय उच्चायोग से की थी. जिसको भारत की सरकार ने मान ली.

दूसरी तरफ भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियों ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना करना शुरू कर दिया है.

पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को फांसी देने की तैयारी कर रहा है

आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार के इस फैसले पर सोमवार को जमकर हमला बोला.  आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, भारत द्वारा पाकिस्तानी कैदियों को छोड़ा जाना यह साफ साबित करता है कि भारत में दो तरह की विदेश नीति चल रही है. क्योंकि, एक तरफ तो विदेश मंत्री कहती हैं कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते और दूसरी तरफ भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ गलबहियां कर रहे हैं.

KulbhushanJadhav

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पाकिस्तान जेल में बंद है

एक तरफ तो पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी देने की तैयारी कर रहा है तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी कैदियों को छोड़ कर मोदी जी भारतीय सैनिकों की शहादत का अपमान कर रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने आगे कहा कि ‘बीजेपी के लोग देश में राष्ट्रवाद की बात करते हैं और किसी को भी देशद्रोही का प्रमाणपत्र दे देते हैं लेकिन उनके नेता और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ गलबहियां करते हुए नजर आते हैं. ऐसी क्या मजबूरी है कि मोदी जी नवाज शरीफ से कभी हाथ मिलाते हैं तो कभी उनके घर केक खाने चले जाते हैं.’

यह भी पढ़ें: जब दिग्विजय शासन में किसानों पर चलीं थीं गोलियां, बीजेपी ने कहा था 'जलियांवालाबाग कांड'

आम आदमी पार्टी का कहना है कि एक तरफ तो भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान फांसी देने की तैयारी कर रहा है और दूसरी तरफ भारत पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर रहा है. ऐसा करके क्या मोदी जी भारतीय सैनिकों की शहादत का अपमान नहीं कर रहे हैं?

आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और केंद्र सरकार से पांच सवाल पूछे हैं जिससे देश की जनता को भी सच का पता चल सके.

1.जाधव को फांसी की तैयारी और पाकिस्तान के कैदियों की रिहाई, क्या यही मोदी जी का राष्ट्रवाद है?

2.बीजेपी कहती है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती तब मोदी किस मुंह से नवाज शरीफ से मिल रहे हैं? देश के सामने स्पष्ट करें.

3.विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद कहा था कि आंतकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते तो क्या यह माना जाए कि सरकार में दो तरह की विदेश नीति है?

4.इधर सीमा पर सिपाही मारे जा रहे हैं उधर मोदी जी नवाज की मां का हाल-चाल पूछ रहे हैं, क्या मोदी जी देश के जांबाजों की शहादत का अपमान नहीं कर रहे हैं?

5.नवाज शरीफ और मोदी जी के बीच गलबहियां का असली कारण क्या है, कभी केक खिलाते हैं, कभी हाथ मिलाते हैं. कहीं ये अमेरिका के दबाव में तो नहीं हो रहा है?

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