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वर्ल्ड नो टौबोको डे: आज ही कहिए तंबाकू को अलविदा

एक सिगरेट आपकी जिंदगी के 11 मिनट कम कर देती है

Ankita Virmani | Published On: May 31, 2017 10:01 PM IST | Updated On: May 31, 2017 10:34 PM IST

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वर्ल्ड नो टौबोको डे: आज ही कहिए तंबाकू को अलविदा

आज वर्ल्ड नो टोबैको डे है. क्या आपको पता है आपकी एक सिगरेट आपको कितना नुकसान पहुंचाती है? एक सिगरेट आपकी जिंदगी के 11 मिनट कम कर देती है.

फर्स्टपोस्ट ने डा.पंकज चर्तुवेदी से तंबाकू छोड़ने के तरीको पर बात की. डॉ.पंकज चतुर्वेदी मुंबई के टाटा मैमोरियल अस्पताल में सीनीयर सर्जन हैं.

आप भी पढ़िए ये तरीके. शायद आपके या आपके किसी जानने वाले के काम आए.

सबसे पहला तरीका है, क्विट कोल्ड टर्की

डॉ. पंकज के मुताबिक सिगरेट छोड़ने का ये सबसे आसान और कारगर तरीका है. सबसे पहले अगले साल से, अगले महीने से, अगले हफ्ते से, अगले दिन से छोड़ दीजिए आज अभी इसी वक्त में यकीन कीजिए और एक बार में किसी भी प्रकार का तंबाकू छोड़ दें.

पहले तीन दिन में खूब जूस पीजिए

अपने अंदर इस रवैया को पैदा करने की कोशिश कीजिए कि आप तम्बाकू का सेवन ना कर के खुद पर एहसान कर रहे है.

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खुद पर दया मत खाइए कि आप खुद को किसी चीज से वंचित रख रहें हैं.बल्कि इसे खुद पर एहसान समझें.

खुद पर फक्र महसूस कीजिए कि आप तंबाकू मुक्त है और आपने पहला कदम ले लिया है.

पहले तीन दिन में खूब जूस पीजिए. इससे आपके शरीर का पुराना निकोटिन निकल जाएगा.

उन सभी वजहों की लिस्ट बनाइए जिनकी वजह से आप तंबाकू को टाटा कहना चाहते हैं और उस लिस्ट को हमेशा अपने साथ रखिए. जब आपको तलब लगे उन वजहों को पढ़ें और इसको छोड़ने के फायदों के बारे में सोचें.

तंबाकू, सिगरेट छोड़ते वक्त गाड़ी का टायर पंचर हो जाए या आप किसी जाम में फंस जाए या फिर किसी और तरह की परेशानी आ जाए. यकीन मानिए सिगरेट पीने से वो सही नहीं होने वाला.

एक भी सिगरेट पीने का बहाना मत ढूंढिए. या ये ख्याल मत लाइए कि सिर्फ एक सिगरेट से क्या हो जाएगा.

तंबाकू पर खर्च करने वाले पैसे बचाइए और खुद को उन पैसों से तोहफा दीजिए. साल भर ये पैसे बचाइए और आप खुद को एक वैकेशन भी दे सकते हैं.

हमने डॉ. पंकज से जानने की कोशिश की कि सिगरेट के पैकेट पर छपे तस्वीर क्या सच में कोई प्रभाव डालते है?

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35 प्रतिशत से ज्यादा व्यस्क किसी ना किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते है

डॉ. पंकज का कहना है कि सिगरेट या तंबाकू के पैकेट पर छपी चेतावनी लोगों में जागरूकता फैलाने का सबसे आसान तरीका है. खास तौर से बच्चों के लिए और बिना पढ़े लिखे लोगों के लिए.

डॉ. पंकज कहते है कि जो मैसेज बताते है कि इन चीजों के सेवन से आपकी मौत हो सकती है वो इमोशनली लोगों पर ज्यादा असर छोड़ते हैं. हमारा मकसद आपको डराना नहीं है बल्कि हम आपको इस बात से अवगत कराना चाहते है कि तंबाकू छोड़ना इतना भी कठिन नहीं जितना आप इसे समझते हैं.

ये नंबर और तथ्य सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं.

GATS India की मानें तो भारत में 35 प्रतिशत से ज्यादा व्यस्क किसी ना किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते है. जिसमे से 21 प्रतिशत बिना धूंए वाले तंबाकू लेते हैं, 9 प्रतिशत धूएं वाला और 5 प्रतिशत दोनो प्रकार से तंबाकू लेते है.

भारत में बिना धुएं वाले तम्बाकू में सबसे ज्यादा प्रचलित है खैनी और उसके बाद है गुटखा. वहीं धूएं वाले तंबाकू सेवन में सबसे पहला नंबर है बीड़ी का, उसके बाद आती है सिगरेट और अंत में हुक्का.

हमारे देश में लगभग 17-18 साल की उम्र में लोग इसका सेवन शुरू कर देते हैं. कमाल की बात ये है कि भारत में 85 प्रतिशत वयस्क जानते हैं कि सिगरेट से लंग कैंसर होता है. फिर भी लोग इसका सेवन करते हैं. इस World No Tobacco Day पर आप भी कहिए तंबाकू को टाटा.

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