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यूपी: योगी आदित्यनाथ की इस समर्थक के हो रहे हैं जमकर चर्चे

इस महिला का नाम शशिमा सिंह है और बीजेपी के किसी नेता-कार्यकर्ता को उसका अता-पता नहीं मालूम

FP Staff Updated On: Jun 10, 2017 04:30 PM IST

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यूपी: योगी आदित्यनाथ की इस समर्थक के हो रहे हैं जमकर चर्चे

एक रहस्मय महिला जिसे 'योगी समर्थक' नाम दिया जा रहा है यहां अचानक बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है.

खुद को मुख्यमंत्री का भक्त बताने वाली इस अनजान महिला को लेकर अचानक जागी दिलचस्पी की वजह है एक पूरे पन्ने का रंगीन विज्ञापन.

महिला की तरफ से योगी आदित्यनाथ को उनके 45 वें जन्मदिन पर बधाई-संदेश देता यह इश्तहार कई अखबार और टीवी चैनलों पर जारी हुआ है.

एक मोटे अनुमान के मुताबिक मीडिया के मार्फत मशहूर होने की इस चाहत के लिए महिला को कम से कम एक करोड़ रुपए खर्च करने पड़े होंगे. हालांकि महिला का कहना है कि ‘इतनी ज्यादा रकम खर्च नहीं हुई’.

नौकरशाह और राजनेता सभी की जबान पर चर्चे हैं और वे अटकलें लगा रहे हैं कि आखिर यह महिला कौन है और उसने जन्मदिन के बधाई-संदेश देने के लिए इतनी ज्यादा रकम क्यों खर्च की?

इस महिला का नाम शशिमा सिंह है और बीजेपी के किसी भी नेता-कार्यकर्ता को उसका अता-पता नहीं मालूम.

दरअसल, बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमने महिला का नाम पहली बार इश्तहार के मार्फत ही सुना. इश्तहार पर योगी आदित्यनाथ को हृदय सम्राट और जन-नायक बताते हुए महिला का नाम भी छपा है.

विज्ञापन पर योगी आदित्यनाथ की खूब ऊंची तस्वीर छपी है, साथ ही उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भी मग शॉटस् (छोटी तस्वीरें) हैं.

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विज्ञापन में सबसे नीचे एक तस्वीर शशिमा सिंह की भी है

‘मीडिया में इस तरह छा जाने के पीछे आपका मकसद क्या है’- इस सवाल के जवाब में शशिमा सिंह ने कहा, 'मैं बचपन से ही समाज सेवा के काम में लगी हूं और अब एक बड़े फलक पर काम करना चाहती हूं.

जब पूछा गया कि विज्ञापन देने पर कितना खर्च आया और इसके लिए रकम कहां से मिली तो शशिमा सिंह का जवाब था कि मुझे इसका ठीक-ठीक तो पता नहीं लेकिन ‘रकम इतनी ज्यादा (तकरीबन एक करोड़) भी नहीं लगी.

शशिमा ने बताया कि इश्तहार पर खर्च होने वाला पैसा मुझे रिश्तेदारों और मेरा भला चाहनेवाले लोगों से मिला. शशिमा सिंह मूल रूप से यूपी के मऊ जिले की हैं और फिलहाल लखनऊ में रहती हैं. उनके पति रेलवे में इंजीनियर हैं. और उनकी नियुक्ति बिहार में है.

किसी सीधे-सरल देहाती की तरह बातें करने वाली शशिमा सिंह ने कहा कि, 'मैं सरकार से अनुदान लेना चाहती हूं, राजनेता, ऑफिसर और बाकी लोगों से भी पैसे जुटाना चाहती हूं ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकूं.'

बहरहाल महिला के इस सीधे-सादे जवाब से वे लोग कत्तई संतुष्ट नहीं जिन्हें लगता है कि मीडिया में इतनी धमाकेदार एंट्री के पीछे कहीं ना कहीं कोई बड़ा हित काम कर रहा है.

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