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माल्यानामा: लंदन में माल्या का गुरूर और सरकार मजबूर!

अगर आपका नाम विजय माल्या है तो आप कोर्ट में चकाचक कपड़े पहनकर रैंपवॉक भी कर सकते हो

Madhavan Narayanan Updated On: Jun 14, 2017 04:11 PM IST

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माल्यानामा: लंदन में माल्या का गुरूर और सरकार मजबूर!

पुरानी हिंदी फिल्मों में गरीब आदमी को धमकाया जाता था. 'कोर्ट कचहरी के चक्कर कटवा देंगे.' पर आपका नाम अगर विजय माल्या है तो समझिए कोर्ट कचहरी का चक्कर काटना एक आनंददायक अनुभव रहेगा.

आप चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट मैच देखने जा सकते हैं. विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के मैच भी लंदन की खुशहाल गर्मी में देख सकते हैं. बीच में कभी कॉफी ब्रेक की तरह एक कचहरी में जाकर चकाचक कपड़े पहनकर 'रैंपवॉक' करने पर भी आपको कोई खतरा नहीं होगा. चाहे आप भारतीय बैंकों के कर्जदार ही क्यों ना हों.

माल्या आजाद थे, आजाद हैं, आजाद रहेंगे

कोर्ट में आपका डिजाइनर वकील आपकी तरफ से अफसरशाही के कुछ चुने अल्फाजों से खेलकर जज से निपट लेगा और आपका दिल खुश कर देगा. और आप कोर्ट के बाहर खबरों का इंतजार कर रहे पत्रकारों को ताने भी मार सकते हैं, 'ख्वाब देखते रहिए एक अरब पाउंड्स का '

रात को नौ बजे टीवी में चिल्लाते हुए एंकर कुछ भी कह सकते हैं. पर माल्या साहेब हिलने से रहे. आखिर कानून भी कोई चीज है. माल्या कहते हैं कि वह निर्दोष हैं.

अगर इस समय आपके मन में श्रीमान अमिताभ बच्चन के 'अंधा कानून' फिल्म का टाइटल सॉन्ग बज रहा है, तो समझ लीजिए कि कानून के हाथ लंबे हैं. इतने लंबे कि दिल्ली से लंदन पहुंच सकते हैं लेकिन खराब मौसम के कारण कुर्सी की सीट बेल्ट बांधने में व्यस्त हो जाते हैं.

Vijay Mallya (1)

लंदन में कहा जाता है भारत की न्यायपालिका इतनी धीमी है कि आरोपियों पर तरस खाना उचित है. अब देखिए न ! जब माल्या साहेब किंगफिशर एयरलाइंस में ऊंची उड़ान भर रहे थे तो उसमें उनका पैसा कम, बैंकों और शेयरहोल्डरों का ज्यादा था.

शेयर का हिसाब अलग, सैर का हिसाब अलग

अगर आप पुरानी फिल्मों के कन्हैया लाल वाले डायलॉग सुनकर बड़े हुए हैं तो उस में बेचारे माल्या साहेब का क्या कसूर? बस एक किंगफिशर बियर का ग्लास उठाइए और कहिए: 'चियर्स टू दी एक्सट्रिडीशन ट्रीटी.'

अब आप शोले फिल्म के ठाकुर साहेब की तरह महसूस कर रहे हैं न? कहां गए कानून के लंबे हाथ? सुना है कि पच्चीस साल में सिर्फ एक महाशय हैं जिनको इस मशहूर प्रत्यर्पण समझौते के आधार पर भारत वापस लाया गया है.

अब बीजेपी जनता पार्टी के प्रवक्ता श्री संबित पात्रा आश्वासन दे रहे हैं कि माल्या की भारत वापसी में देर है पर अंधेर नहीं. मानों भगवान का घर है, सरकार का मंत्रालय नहीं! अब उन्हीं को मालूम! वह जो ठहरे 'घर वापसी' के विशेषज्ञ !

लंदन कोर्ट ने अगली सुनवाई दिसंबर में रखी है. तब तक बेल पर माल्या जी खुले में घूमते रहेंगे. अगली सुनवाई तक श्री माल्या न जाने कितने मैच और फैशन शो या डर्बी के घुड़दौड़ देख सकते हैं! अब शायद कानून मंत्री भारतवासियों से कहेंगे: 'प्लीज बियर विद मी'

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