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'मेक इन इंडिया' के बाद अब 'मेक इन यूपी' की बारी

मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' नीति की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 'मेक इन यूपी' नीति की शुरुआत की है

IANS Updated On: Jul 08, 2017 12:55 PM IST

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'मेक इन इंडिया' के बाद अब 'मेक इन यूपी' की बारी

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत इसकी शुरुआत की जाएगी. योगी सरकार की कैबिनेट से हाल ही में पास हुई इस औद्यागिक नीति के तहत 'मेक इन यूपी' नीति को अपनाए जाने का फैसला लिया गया है.

राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक के बाद औद्योगिक नीति को बताते हुए कहा था कि केंद्र की तर्ज पर 'मेक इन यूपी' नीति को अपनाया जाएगा और इसके लिए विभाग बनाए जाएंगे.

नयी उद्योग निति के लिए नया विभाग

इस दिशा में एक कदम बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी. ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में नौकरियों की संभावना बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी शुरू की जाएगी.

साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लियरेंस विभाग भी बनाया जाएगा. औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.

 रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017

एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी.

बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.

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