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आईटी इंडस्ट्री की मुश्किल में मिसाल पेश कर रहे हैं सिक्का

आप सिक्का के बारे में चाहे कुछ भी कहें, लेकिन उनके अंदर किसी तरह की दुविधा नहीं है

Madhavan Narayanan Updated On: May 25, 2017 11:52 PM IST

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आईटी इंडस्ट्री की मुश्किल में मिसाल पेश कर रहे हैं सिक्का

ऐसा लग रहा है कि इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का विन्सटन चर्चिल जैसी स्थिति में पहुंच गए हैं. हिटलर की फौजों से जंग की तैयारी में 1940 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह अपने देशवासियों के लिए खून, कड़ी मशक्कत, आंसू और पसीना देंगे.

सिक्का कहीं बेहतर वक्त में जी रहे हैं, लेकिन वह अपने शेयरहोल्डर्स, एम्प्लॉइज और अन्य संबंधित पक्षों को आने वाले मुश्किल वक्त के लिए तैयार कर रहे हैं.

एग्जिक्यूटिव्स को परफॉर्मेंस के लिए कर रहे प्रोत्साहित

आप सिक्का के बारे में चाहे कुछ भी कहें, लेकिन उनके अंदर किसी तरह की दुविधा नहीं है. वह नेतृत्व की मिसाल तय कर रहे हैं. हालांकि, उनकी टेक-होम सैलरी में मामूली गिरावट हुई है, वैरिएबल कंपोनेंट बढ़ा है, लेकिन वह अपने प्रमुख एग्जिक्यूटिव्स को परफॉर्मेंस के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खुश कर रहे हैं.

विशाल सिक्का (फोटो: रॉयटर्स)

विशाल सिक्का (फोटो: रॉयटर्स)

इनोवेशन का सहारा

जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं उस हिसाब से सिक्का पारंपरिक सेवाओं में इनोवेशन लाने की कोशिश कर रहे हैं. वह कंपनी के निचले दर्जे के एम्प्लॉइज का मनोबल बढ़ाने के उपाय कर रहे हैं. वह प्रोजेक्ट मैनेजरों के इनसेंटिव्स बढ़ा रहे हैं साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कंपनी में मोटी तनख्वाह वाला सीनियर एग्जिक्यूटिव कल्चर न रहे.

वह साफतौर पर कंपनी के को-फाउंडर एन.आर नारायण मूर्ति द्वारा की जा रही आलोचना पर प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं. कुछ खबरों के मुताबिक, दोनों दिग्गजों के बीच महीनों से बात नहीं हुई है, लेकिन सिक्का उनकी बात सुनते और उस पर प्रतिक्रिया जताते दिखाई दे रहे हैं.

लोकल हायरिंग के ऐलान से यूएस में कंपनी की पोजिशन मजबूत की. हालांकि, आने वाले दिनों में उनके पास विकल्प मुश्किल होंगे. सिक्का ने हाल में ही ऐलान किया था कि वह यूएस में अगले दो साल में 10,000 स्थानीय लोगों की भर्ती करेंगे.

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इस कदम से उनकी कंपनी का प्रोफाइल मजबूत हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एच1 बी वीजा को लेकर सख्त नीति से निपटने के लिए उन्होंने इस कदम का ऐलान किया.

सॉफ्टवेयर ऑटोमेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लंबे वक्त तक 3 लाख एंप्लॉयीज के मनोबल को बनाए रखना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण होगा.

खर्च रोकने और प्रॉफिटेबिलिटी की मुश्किलें

टेक इंडस्ट्री में मनोबल को बढ़ाने की जरूरत होती है, लेकिन अगर खर्च बढ़ने लगते हैं तो प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखना आसान नहीं होगा. इस वक्त हमें उनके सख्त अनुशासन पर चलने के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं.

आईटी इंडस्ट्री में छंटनियों का दौर चल रहा है

आईटी इंडस्ट्री में छंटनियों का दौर चल रहा है

आने वाले महीने मुश्किल होंगे क्योंकि इंडस्ट्री में छंटनियों का दौर चल रहा है. योजनागत या परफॉर्मेंस के आधार पर लोगों को हटाया जा रहा है. इंफोसिस के ज्यादातर एम्प्लॉइज के लिए सैलरी हाइक को जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है.

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आधिकारिक तौर पर छंटनियों की कोई योजना नहीं बनाई गई है, लेकिन इंडस्ट्री में ट्रेड यूनियन के बढ़ते कल्चर को देखते हुए इंफोसिस के एम्प्लॉइज पर भी छंटनी की तलवार लटक रही है.

जंग में बलिदान के लिए तैयार

सिक्का को चर्चिल की तरह बनना होगा और जंग से पहले खुद को और अपने एम्प्लॉइज और अन्य संबंधित पक्षों को इसके लिए तैयार करना होगा. उन्हें एक ऐसे जंग के लिए तैयार रहना होगा जिसमें लीडर्स को बलिदान देना होता है या उन्हें अपनी सुरक्षा को भूल जाना होगा ताकि वह अपने से नीचे मौजूद एम्प्लॉइज के लिए मिसाल बन सकें.

सिक्का ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लंबी दूरी तय करनी होगी. उनके लिए मूड मैनेजमेंट से ज्यादा आसान चीज इस वक्त इनोवेशन है.

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