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उड़ने के बजाए रेंग क्यों रही है भारतीय एविएशन इंडस्ट्री

एविएशन इनसाइट फ्लाइटस्टेट्स ने एयर इंडिया को विश्व की तीसरी सबसे घटिया एयरलाइनों में शुमार किया था

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Feb 09, 2017 11:49 PM IST

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उड़ने के बजाए रेंग क्यों रही है भारतीय एविएशन इंडस्ट्री

इंडियन एयरलाइंस सेवा को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई स्तर पर काम किए जा रहे हैं. भारतीय विमानन कंपनियां ग्राहकों को सस्ती टिकट और नए-नए ऑफर्स दे रही है. सरकार के तरफ से भी कई कदम उठाए जा रहे हैं.

देश के हवाई अडडों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है. देश के प्रमुख हवाई अड्डों को अगले पांच सालों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप बनाने की कवायद चल रही है.

एयर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है. अगले 10 सालों में लगभग 700 प्लेन को इंडियन एयरलाइंस के बेड़े में शामिल करने की बात भी जा रही है.

एक तरफ सरकार और विमानन कंपनियां इंडियन एयरलाइंस को बढ़ावा देने के लिए इतने स्तर पर कदम उठा रही है. दूसरी तरफ इंडियन एयरलाइंस के पायलटों पर शराब पी कर हवाई जहाज उड़ाने और एयर इंडिया को विश्व की तीसरी सबसे घटिया एयरलाइनों में शुमार किए जाने का तमगा दे दिया जाता है?

जानकारों का मानना है कि एयरलाइंस कंपनियों के ऑफर्स के बावजूद भी लोग हवाई यात्रा को तरजीह नहीं दे रहे हैं, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है.

हवाई यात्रा बनाम रेल यात्रा   

हाल के दिनों में देखा गया है कि वीवीआईपी ट्रेनों के टिकटों और हवाई टिकटों के दामों में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है. इसके बावजूद भी लोग हवाई यात्रा की जगह रेल यात्रा को तरजीह देते हैं.

आज भी भारत में मीडिल क्लास और अपर मीडिल क्लास की पहली पसंद इंडियन रेलवे को बताया जाता है. एक आम भारतीय आज भी लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए एयरलाइंस से ज्यादा तवज्जो इंडियन रेलवे को देते हुए दिखता है.

इसके लिए इंडियन एयरलाइंस कंपनियों को जितना जिम्मेवार ठहराया जाता है, उसके बराबर के जिम्मेवार पायलटों और कर्मचारियों को भी माना जा सकता है.

हाल ही में विमान सेवा की रेंटिंग करने वाली एक अमेरिकन कंपनी एविएशन इनसाइट फ्लाइटस्टेट्स ने एयर इंडिया को विश्व की तीसरी सबसे घटिया एयरलाइनों में शुमार किया था.

जिसको लेकर भारत में काफी चर्चा हुई थी. एयर इंडिया ने इसको लेकर अमेरिकन कंपनी फ्लाइटस्टेट्स को पत्र लिख कर माफी मांगने को भी कहा था.

भारतीय एयरलाइंस सेफ्टी मानकों में काफी पीछे 

गौरतलब है कि फ्लाइटस्टेट्स ने पिछले दिनों विश्व की सबसे खराब दस एयरलाइनों की सूची जारी की थी. इसमें एयर इंडिया को विश्व की तीसरी सबसे खराब एयरलाइन बताया था.

सूची में इजराइली एयरलाइन इल-अल को पहली जबकि आइसलैंड एयर को दूसरी सबसे खराब एयरलाइन बताया गया था.

भारत की एविएशन इंडस्ट्री की बात करें तो, साल 2016 में हवाई सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन के मामलों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. डीजीसीए की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2016 में एयर सेफ्टी नियमों में 422 बार उल्लंघन किए गए हैं.

एयरपोर्ट सेफ्टी नियम के तहत 42 पायलट को हटाया गया. 272 क्रू मेंबर्स को सस्पेंड किया गया. 108 क्रू मेंबर्स को चेतावनी दे कर छोड़ा गया.

डीजीसीए ने अपने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि साल 2016 में जेट ऐयरवेज ने 116 बार, स्पाइसजेट ने 101 बार, एयर इंडिया ने 61 बार और इंडिगो ने 55 बार नियमों का उल्लंघन किया है.

नशेड़ी पायलटों ने बिगाड़ी छवि 

पिछले तीन वर्षों के हवाई उड़ान के दौरान पायलटों के मेडिकल परीक्षण में इंडियन एयरलाइंस के 122 पायलटों को नशा करते पाया गया है. 122 निलंबित पायलटों में से कम से कम 110 ने पहली बार यह उल्लंघन किया था. यह आंकड़ा साल 2016 में भारत सरकार के नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने लोकसभा में दिया था.

सरकार ने पिछले साल देश-विदेश के 16 हवाई अड्डों पर पायलटों का मेडिकल परिक्षण करवाया था. सरकार के एक आंकड़े के अनुसार मुंबई हवाई अड्डे पर 34 पायलट नशे में धुत्त पकड़े गए थे.

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 31 पायलटों को नशे में पकड़ा गया. कोलकाता में 18 पायलट, चेन्नई में 10 और बैंगलोर में 9 पायलटों को नशा करते पकड़ा गया है.

मई 2016 को एक जवाब में लोकसभा को बताया गया कि 112 पायलट शराब के लिए परिक्षण में पोजेटिव पाए गए हैं. यह आंकड़े विभिन्न एयरलाइन द्वारा रिपोर्ट में दिए गए हैं.

पिछले साल नागरिक उड्डयन मंत्री राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने लोकसभा को बताया था कि 6 जून 2014 से पहले पायलटों को पहले उल्लंघन के लिए तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाता था. दूसरी बार उल्लंघन के लिए पांच साल तक निलंबित किया जाता है. दूसरी बार उल्लंघन के लिए यह सजा अब पांच साल से घटा कर तीन साल कर दी गई है.

एविएशन एक्सपर्ट संदीप कहते हैं, ‘इंडियन एयरलाइंस के बारे में जो धारणा है वह हमारे जैसे लोग ही कर रखा है. इंडियन एयरलाइंस के बारे में लोगों के निगेटिव भावना है जो गलत है.’

संदीप आगे कहते हैं, ‘अगर वर्ल्ड वाइज रेटिंग देखेंगे तो भारतीय पायलट और एयर इंडिया की मेंटिनेंस विश्व में सबसे अच्छी मानी जाती है. एयर इंडिया के पायलट और कर्मचारी दूसरे एयरलाइंस के कर्मचारियों के तुलना में ज्यादा सभ्य हैं.’

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