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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर बैन हटाने का अध्यादेश मंजूर

जल्लीकट्टू अध्यादेश को कानून बनाने के लिए 23 जनवरी को इसे तमिलनाडु विधानसभा में पेश किया जाएगा

FP Staff Updated On: Jan 21, 2017 08:05 PM IST

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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर बैन हटाने का अध्यादेश मंजूर

तमिलनाडु के राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव ने जल्लीकट्टू अध्यादेश को मंजूर कर लिया है. जिसके बाद अब प्रदेश में जल्लीकट्टू पर लगा बैन हटने का रास्ता साफ हो गया है.

राज्य के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम रविवार सुबह मदुरै के अलनगनल्लुर में जल्लीकट्टू की शुरुआत करेंगे. इसके अलावा, राज्य के मंत्री भी अपने-अपने जिलों में जल्लीकट्टू की शुरुआत करेंगे.

पन्नीरसेल्वम, शशिकला ने कहा शुक्रिया

मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार और राज्य की जनता की तरफ से जल्लीकट्टू में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है. एआईएडीएमके चीफ शशिकला नटराजन ने भी पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया है.

इससे पहले लोकसभा के उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई ने जल्लीकट्टू मुद्दे पर अध्यादेश लाने में तमिलनाडु सरकार को मदद करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया था.

केंद्र की मदद से आया अध्यादेश

ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जल्लीकट्टू अध्यादेश को कानून बनाने के लिए इसे 23 जनवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा. 6 महीने में अध्यादेश खत्म हो जाएगा, इसलिए सदन में जल्द ही इसे कानून बनाया जाएगा.

ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि केंद्र सरकार की मदद से ये अध्यादेश लाया गया है.

PM Modi meet Panneerselvam

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए (फोटो: पीटीआई)

सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास

केंद्र के जल्लीकट्टू अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि तमिलनाडु की जनता की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.

पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि, ‘तमिलनाडु की समृद्ध संस्कृति पर हमें गर्व है. तमिल लोगों की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं’.

सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू पर लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर मई 2014 में रोक लगा दी थी. इसके बाद से तमिलनाडु की जनता केंद्र सरकार से जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाने की मांग कर रही थी.

supreme court

सर्वोच्च अदालत ने इस संबंध में दाखिल एक दूसरी याचिका को 12 जनवरी को खारिज कर दिया था.

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