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स्वाइन फ्लू: देश में हो रही मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार?

साल 2017 की जो स्थिति है वह 2015 की स्थिति से भी ज्यादा भयावह लग रही है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Oct 04, 2017 05:47 PM IST

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स्वाइन फ्लू: देश में हो रही मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार?

दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है. देश में पिछले कई सालों से चिकनगुनिया-मलेरिया और डेंगू से लोगों की लड़ाई चल रही है, वहीं अब स्वाइन फ्लू भी लोगों को परेशान करने लगा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में इस साल एक अक्टूबर तक लगभग दो हजार लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है. पिछले साल के आंकड़े से यह आंकड़ा चार गुना ज्यादा है.

स्वाइन फ्लू वायरस की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति कितनी भयावह है. लगातार हो रही मौतों के बावजूद केंद्र सरकार या राज्य सरकारें इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही हैं.

Swine Flu

सरकारें सिर्फ आंकड़ा जारी कर अपना कोरम पूरा कर रही हैं

इसी साल अगस्त महीने में केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी. रिपोर्ट में 20 अगस्त 2017 तक 1 हजार 94 मरीजों की मौत की बात कही गई थी. साथ ही देशभर में लगभग 22 हजार 186 लोगों को इस बीमारी से पीड़ित बताया गया था.

इस रिपोर्ट में जिक्र किया गया था कि देश में स्वाइन फ्लू से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और गुजरात हैं. राजस्थान, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्य भी स्वाइन फ्लू से विशेष तौर पर प्रभावित हैं.

हकीकत देखिए दो महीने के भीतर ही स्वाइन फ्लू से लगभग एक हजार और मौतें हो जाती हैं और सरकार सिर्फ आंकड़ा जारी कर अपना कोरम पूरा कर लेती है.

महाराष्ट्र में जहां अब तक एच1एन1 वायरस ने 620 लोगों की जान गई हैं, वहीं गुजरात में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 429 तक पहुंच चुकी है. देशभर में इस वायरस की चपेट में आकर अब तक कुल 1 हजार 964 लोगों की मौत हो चुकी है.

सरकारी आंकड़ों से कई गुना ज्यादा मौतें हुई हैं

अगर हम सिर्फ दिल्ली की बात करें तो सरकारी आंकड़ों में दिल्ली में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 12 बताई जा रही है, पर वास्तविकता में इससे कई गुना ज्यादा मौतें हुईं हैं.

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल दिल्ली में एक अक्टूबर तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 2 हजार 798 हो गई है. यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.

हम आपको बता दें कि देश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं. लोग प्राइवेट अस्पताल की तरफ जा तो जरूर रहे हैं पर वहां पर भी एच1एन1 का किट डॉक्टरों की पर्ची के बगैर नहीं दिया जा रहा है.

ऐसे में जो लोग एतिआतन स्वाइन फ्लू से बचना चाह रहे हैं या जो लोग मरीज के साथ अस्पताल जा रहे हैं उनको जेब ज्यादा ढ़ीली करनी पड़ रही है. इस समय यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है कि पूरे देश के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कितने मरीज स्वाइन फ्लू के भर्ती हैं.

इस साल स्वाइन फ्लू के मरीजों का अगस्त महीने से ही बड़ी संख्या में आना शुरू हो गया था. इस बीमारी में कई मरीज दवाई के सहारे ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में स्वाइल फ्लू की चपेट में आए व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करना जरूरी हो जाता है.

Swine Flu

तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैल रहा है

डॉक्टरों के मुताबिक तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैल रहा है, ऐसे में लोगों को बुखार आने पर तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए. इसे नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है.

दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पूरे देश में अब तक स्वाइन फ्लू के लगभग 30 हजार मामले सामने आए हैं.

साल 2017 की जो स्थिति है वह 2015 की स्थिति से भी ज्यादा भयावह लग रही है. साल 2015 में देश में 42 हजार 592 मामले सामने आए थे, जिसमें लगभग तीन हजार लोगों की मौत हो गई थी. जबकि, साल 2016 में केवल एक हजार 786 मामले दर्ज हुए और 265 मौतें हुई थी.

देश में 2009-10 में एच1एन1 इंफ्लूएंजा जबरदस्त तौर पर पैर जमाया था. इस बीमारी से लगभग 2 हजार 700 से ज्यादा लोग मारे गए थे और करीब 50 हजार लोग बीमारी के चपेट में आए थे.

स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाने वाला एच1एन1 इंफ्लूएंजा एक बेहद संक्रामक रोग है. यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है. 2009 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित किया था.

दिल्ली-एनसीआर में एक तरफ लोग स्वाइन फ्लू से परेशान हैं तो दूसरी तरफ डेंगू के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. सितंबर के आखिरी सप्ताह में डेंगू के 756 नए मामले सामने आए. इस साल दिल्ली में अब तक डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 3 हजार 865 तक पहुंच गई है.

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