विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

विधवाओं की हालत पर ध्यान नहीं देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लताड़ा

कोर्ट ने सहमति युक्त दिशा-निर्देशों के साथ न आने पर सरकार पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया

Bhasha Updated On: Apr 21, 2017 10:23 PM IST

0
विधवाओं की हालत पर ध्यान नहीं देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लताड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दावा किया जाता है कि अदालतें ‘सरकार चलाने की कोशिश कर रही हैं’ जबकि सरकार काम ही नहीं करना चाहती.
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने देश में निराश्रित विधवाओं की स्थिति पर ध्यान न दिए जाने पर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा, ‘आप इसे करना नहीं चाहते और जब हम कुछ कहते हैं तो आप कहते हैं कि अदालत सरकार चलाने की कोशिश कर रही है.’
शीर्ष अदालत ने निराश्रित विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए अपने निर्देशों के बावजूद सहमति युक्त दिशा-निर्देशों के साथ न आने पर सरकार पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया और उसे ऐसा करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया.
कोर्ट ने क्यों कहा सरकार कुछ नहीं करना चाहती?
पीठ ने कहा, ‘आप भारत की विधवाओं की स्थिति पर ध्यान नहीं देते हो. आप हलफनामा दायर करें और कहें कि आप भारत की विधवाओं को लेकर चिंतित नहीं हैं. आपने कुछ नहीं किया है...यह पूरी तरह बेबसी है. सरकार कुछ नहीं करना चाहती.’
शीर्ष अदालत ने इससे पहले केंद्र से राष्ट्रीय महिला आयोग के सुझावों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाने तथा देश में विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा था.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के वकील ने न्यायालय को सूचित किया था कि राष्ट्रीय महिला आयोग और विशेषज्ञों के सुझावों पर चर्चा करने के लिए 12 और 13 अप्रैल को बैठक होनी थी.
पीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र के वकील से पूछा कि न्यायालय को आश्वासन दिए जाने के बावजूद यह बैठक क्यों आयोजित नहीं की गई.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi