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किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं संदीप के आतंकी बनने की कहानी

संदीप ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. बाद में एक कोल्ड ड्रिंक की एजेंसी के लिए ऑटो चलाता था

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 12, 2017 04:14 PM IST

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किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं संदीप के आतंकी बनने की कहानी

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी संदीप उर्फ आदिल की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे हो रहे हैं. आतंकी संदीप के इन्हीं खुलासों के बाद पूरे यूपी में अलर्ट जारी कर दिया गया है. भारतीय जांच एजेंसियों ने खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संदीप के नेटवर्क को तलाशने का काम और तेज कर दिया है.

यूपी एटीएस के साथ भारतीय सुरक्षा जांच एजेंसियां भी मेरठ, सहारनपुर और हरिद्वार में संदीप के रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ लंबी पूछताछ कर रही हैं. यूपी एटीएस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संदीप के कई दोस्तों और रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है.

पिछले दिनों ही जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग पुलिस ने संदीप शर्मा उर्फ आदिल को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

पुलिस ने आरोपी संदीप शर्मा के भाई और भाभी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. संदीप शर्मा मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद पचेंडा का रहने वाला है. उसके भाई का नाम प्रवीण कुमार शर्मा है जो हरिद्वार में टैक्सी चलाता है.

पुलिस की पूछताछ में संदीप के भाई प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि सात महीने पहले संदीप का फोन आया था, जिसमें उसने बताया था कि उसकी एक ठेकेदार के पास दस-बारह हजार रुपए की नौकरी लग गई है. जम्मू-कश्मीर में उसने अपने मकान मालिक के नंबर से फोन किया था.

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यूपी एटीएस संदीप शर्मा को जम्मू-कश्मीर भेजने वाले ठेकेदार के संदिग्ध ठिकानों पर छापा मार रही है.

खुफिया विभाग के सूत्रों का कहना है कि आतंकी संदीप और उसका फुफेरा भाई वैल्डिंग का काम करने जम्मू-कश्मीर गए थे. दिल्ली के एक ठेकेदार ने दोनों को जम्मू-कश्मीर भेजा था.

भारतीय जांच एजेंसियां आतंकी के दोस्त के जरिए दिल्ली के उस ठेकेदार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसनें दोनो को जम्मू-कश्मीर भेजा था.

एजेंसियों को अंदेशा है कि ठेकेदार और कई लोगों को भी जम्मू-कश्मीर भेज चुका है. ठेकेदार के संदिग्ध ठिकानों पर यूपी एटीएस के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच छापेमारी कर रही है.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां यह मान कर चल रही है कि दिल्ली के उस ठेकेदार के पकड़े जाने के बाद ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकियों के सही नेटवर्क का पता लग पाएगा.

आतंकी संगठन में शामिल होने वाला संदीप शर्मा की कहानी भी किसी फिल्मी हीरो से कम नहीं है. दसवीं पास कर मुजफ्फरनगर में वैल्डिंग का काम करने वाला संदीप आज आतंकी संगठन का जाना माना नाम हो गया है.

घर की खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहा संदीप आतंकियों को मदद करते हुए एटीम लूट के साथ सैन्य कैंप पर हमले जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम दिया है.

पुलिस की पूछताछ में संदीप ने जो खुलासा किया है वो काफी चौंकाने वाला है. आतंकी बनने के पीछे घर की खराब आर्थिक स्थिति को जिम्मेदार बताया है. आतंकियों के ज्यादा पैसे कमाने के प्रलोभन में आ कर संदीप ने आतंकी संगठन को ज्वाइन किया.

संदीप की इस करतूत के बाद मुजफ्फरनगर में रहने वाले उसके परिवार के लोग भी उससे मिलने से इंकार कर रहे हैं. परिजन पूरी तरह से सदमे में हैं. संदीप की मां किसी से भी नहीं मिल रही हैं. मोहल्ले वालों ने भी संदीप के परिवार वालों से दूरी बना ली है.

एक तरफ जहां संदीप शर्मा से जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ संदीप के भाई प्रवीण शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि अगर मेरे भाई ने गलत काम किया है तो सरकार उसे गोली मार दे. मेरे परिवार को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी. देश का दुश्मन हमारा भाई नहीं हो सकता.

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प्रवीण के मुताबिक, 'संदीप ढाई साल पहले बुआ के लड़के के साथ जम्मू-कश्मीर वेल्डिंग का काम करने के लिए गया था. तब संदीप ने बताया था कि पॉवर ग्रिड का काम चल रहा है, वहीं पर मैं काम करता हूं. छह महीने तक वो फोन करता रहा. मगर, पिछले डेढ़ साल से उससे कोई बात नहीं हई है. मैंने टीवी पर देखा है कि उसने धर्म परिवर्तन कर लिया सबसे बड़ा अपराध तो यही है कि उसने धर्म परिवर्तन कर लिया.'

'संदीप ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. बाद में एक कोल्ड ड्रिंक की एजेंसी के लिए ऑटो चलाता था. उसके बाद उसने उसने वेल्डिंग काम शुरू कर दिया. फिर बाद में मेरी बुआ का लड़का दिल्ली के एक ठेकेदार के साथ उसे जम्मू ले गया.'

प्रवीण शर्मा का कहना है कि जब से वह जम्मू गया है घर का खर्च भी नहीं दिया. मैं अकेले अपने परिवार को चलाता हूं. तीन बच्चों के साथ मां और पत्नी का पेट पालता हूं. किराए के मकान में रहता हूं.

ठेकेदार के बारे में इतना जनता हूं कि वह दिल्ली के खजूरी का रहने वाला है. मेरी बुआ का लड़का ठेकेदार को ज्यादा जानता है. क्योंकि उसने ही मेरे भाई का संपर्क उससे करवाया था. मेरी बुआ का लड़का भी मुजफ्फरनगर के मोरने गांव का रहने वाला है जिसका नाम सोनू शर्मा है.

प्रवीण के मुताबिक करीब चार-पांच महीने पहले मेरे पास कश्मीर के अनंतनाग थाने से फोन आया था कि तुम्हारा भाई किसी मुकदमे में पकड़ा गया है. मैंने उनसे कहा कि अगर उसने गलत काम किया है तो उसे जेल भेज दो. अगर मेरा भाई लश्कर ए तैयबा का अतंकी है तो उसे सरेआम गोली मार दो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी.

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