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गायकवाड़ का पलटवार: बदसलूकी करने वाले एयरलाइन कर्मियों पर भी हो सख्ती

केंद्र ने एयरलाइन कर्मियों के साथ बुरा बर्ताव करने वाले यात्रियों पर बैन लगाने का प्रस्ताव लाया है

Bhasha | Published On: May 06, 2017 05:33 PM IST | Updated On: May 06, 2017 05:33 PM IST

गायकवाड़ का पलटवार: बदसलूकी करने वाले एयरलाइन कर्मियों पर भी हो सख्ती

हाल ही में केंद्र ने एयरलाइन कर्मियों के साथ बुरा बर्ताव करने वाले यात्रियों पर बैन लगाने का प्रस्ताव लाया है. ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र ने यह प्रस्ताव शिवसेना सांसद के 'चप्पल प्रकरण' की प्रतिक्रिया में दिया है.
'नो फ्लाई लिस्ट' के केंद्र के प्रस्ताव के बाद शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ ने शनिवार को कहा कि विमान के चालक दल के सदस्यों के लिए भी सख्त दिशानिर्देश बनाए जाने चाहिए कि वह कैसे यात्रियों के साथ बर्ताव करें.
एयर इंडिया के कर्मचारी के साथ बदतमीजी करने के कारण घरेलू एयरलाइंस ने गायकवाड़ पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था.
बदसलूकी करने पर 2 साल तक लग सकता है बैन 

वह बदसलूकी करने और उड़ान में बाधा डालने वाले यात्रियों पर केंद्र द्वारा जारी किए गए नियमों के मसौदे पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. इसमें तीन महीने से 2 वर्ष के लिए उड़ान भरने पर बैन की अनुशंसा की गई है.

यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है जिसमें गायकवाड़ ने पूरी तरह से इकनॉमिक क्लास वाले विमान में बिजनेस क्लास में यात्रा करने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद एयर इंडिया कर्मचारी को चप्पल से मारा था.

गायकवाड़ ने कहा, ‘पहले से ही कुछ दिशानिर्देश मौजूद हैं और एक नियमित प्रक्रिया के तहत इन्हें अपडेट किया जाता है. मुझे लगता है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लोगों को पूरे प्रकरण की याद दिलाने के लिए जानबूझकर इसकी घोषणा की है.’

एयरलाइन क्रू के सदस्यों के लिए नियम क्यों नहीं?

गायकवाड़ ने कहा, ‘एयरलाइन क्रू के सदस्यों के लिए भी ऐसे ही नियम होने चाहिए कि कैसे यात्रियों से बर्ताव करना है और उनकी आवश्यकताओं पर ध्यान देना है.’
उन्होंने कहा, ‘संसद का सदस्य होने के नाते, मैं एयर इंडिया क्रू सदस्यों के खिलाफ आने वाली शिकायतों और मुकदमों के बारे में जानता हूं जिसमें कर्मचारियों पर यात्रियों को नजरअंदाज करने या बदतमीजी करने का आरोप लगाया जाता है.’
गायकवाड़ ने कहा, ‘इसके क्रू सदस्यों के खिलाफ बमुश्किल कोई कार्रवाई की जाती है. अगर नियम बनाए जाने हैं तो क्रू सदस्यों के लिए भी समान रूप से सख्त नियम होने चाहिए.’

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