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‘टीपू जयंती’ समारोह के मद्देनजर बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी

राज्य की सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने दो वर्ष पहले टीपू जयंती मनाना शुरू किया था. बीजेपी, कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने इसका विरोध भी किया है

Bhasha Updated On: Nov 09, 2017 06:40 PM IST

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‘टीपू जयंती’ समारोह के मद्देनजर बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी

मैसूर के 18वीं सदी में शासक रहे टीपू सुल्तान की जयंती के मौके पर शुक्रवार को सरकार की ओर से आयोजित ‘टीपू जयंती’ समारोहों के मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा कड़ी की गई है.

संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

पुलिस के अनुसार शहर में राज्य सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम को छोड़कर टीपू जयंती से संबंधित जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी.

बेंगलुरू के पुलिस कमिश्नर टी. सुनील कुमार ने कहा, ‘हम किसी जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं दे रहे हैं, चाहे वह टीपू जयंती के पक्ष में हो या फिर खिलाफ में. सरकार शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर रही है जिसके लिए हमने पर्याप्त प्रबंध किए है.’

उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) की 30 टुकड़ियों और 25 सशस्त्र दलों के अलावा शहर पुलिस के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया जाएगा.

पूरे शहर में तैनात हैं 11 हजार सुरक्षाकर्मी 

कुमार ने कहा, ‘पूरे शहर में 11 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात होंगे. इसके अलावा हम होमगार्ड के जवानों को भी तैनात करेंगे. जो भी अशांति पैदा करने की कोशिश करेगा उनके खिलाफ पुलिस सख्ती से निपटेगी.'

कुमार ने कहा, ‘हमने अब तक एहतियातन किसी को गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन यदि कोई अप्रिय स्थिति पैदा होती है तो धारा 144 लगाई जा सकती है.’

राज्य की सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने दो वर्ष पहले टीपू जयंती मनाना शुरू किया था. बीजेपी, कुछ दक्षिणपंथी समूहों और कोडावा समुदाय के सदस्यों ने समारोह मनाए जाने का विरोध किया था.

पार्टी ने आरोप लगाया कि टीपू एक धार्मिक ‘कट्टरवादी’ थे जिन्होंने कई लोगों की हत्या की और लोगों को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया.

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