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SBI के नए नियम: जानिए आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा बोझ

भारतीय स्टेट बैंक संबंधित छह बैंकों से विलय के बाद दुनिया के 50 सबसे बड़े बैंकों में शामिल हो गया है

FP Staff Updated On: Apr 04, 2017 11:02 AM IST

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SBI के नए नियम: जानिए आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा बोझ

भारतीय स्टेट बैंक संबंधित छह बैंकों से विलय के बाद दुनिया के 50 सबसे बड़े बैंकों में शामिल हो गया है. हालांकि आम आदमी की जेब पर इससे बोझ बढ़ने जा रहा है. विलय के बाद एसबीआई ने कई सुविधाओं के लिए लगने वाले शुल्क में वृद्धि कर दी है. विलय के बाद छह बैंकों के ग्राहकों को भी ये बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी.

जानिए क्या बदल गया

1. अब से मेट्रो सिटीज वाले ग्राहकों को अपने एसबीआई अकाउंट में हर महीने एवरेज मिनिमम 5000 रुपए रखने होंगे.

2. छोटे शहर के लिए ये मिनिमम बैलेंस 3000 रुपए जबकि टियर थ्री सिटीज के अकाउंट्स के लिए 2000 रुपए रखी गई है.

3. ग्रामीण इलाकों के लिए ये सीमा 1000 रुपए रखी गई है.

4. अगर अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस नहीं रखा जाता तो मेट्रो सिटीज के अकाउंट्स पर 100 रुपए जबकि ग्रामीण पर 20 रुपए प्रति माह का जुर्माना लगाया जाएगा.

5. अब से बिना चेक बुक वाले अकाउंट होल्डर को चेक बुक के लिए 500 रुपए चुकाने होंगे और अगर अतिरिक्त चेक बुक लेकिन है तो भी अलग से पैसे देने होंगे. चेक बुक अकाउंट बनाने के लिए मिनिमम 1000 रुपए अकाउंट में बैलेंस होना ज़रूरी है.

6. चेक बुक के मामले में चालू खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में 50 चेक फ्री मिलेंगे, उसके बाद उन्हें हर चेक के लिए तीन रुपए देने होंगे. इसके मुताबिक 25 पन्नों वाली चेक बुक के लिए 75 रुपए चुकाने होंगे.

7. एसबीआई के बचत खाते में अगर 25,000 रुपए का बैलेंस है तो अआप कितनी बार भी एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन बाकियों को पांच बार से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए फीस चुकानी होगी.

8. बैंक ने लॉकर किराया भी बढ़ा दिया है. साथ ही एक साल में लॉकर के उपयोग की संख्या भी कम कर दी है. 12 बार उपयोग करने के बाद ग्राहक 100 रपये के साथ सेवा कर देना होगा.

9. हालांकि सुरभि, मूल बचत खाता और प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों पर ये बदले नियम लागू नहीं होंगे.

10. बता दें कि ये नए शुल्क पांच पूर्व एसोसिएट बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों पर भी लागू होंगे. इन बैंकों का स्टेट बैंक में विलय एक अप्रैल से प्रभाव में आ गया है और विलय के बाद एसबीआई ग्राहकों की संख्या बढ़कर 37 करोड़ हो गयी है.

[खबर न्यूज़ 18 से साभार]

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