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सहारनपुर: भीम आर्मी के सदस्यों की गिरफ्तारी के विरोध में दलित महिलाओं ने अपनाया बौद्ध धर्म

5 मई को महाराणा प्रताप की जयंती के मौके पर निकाले जा रहे एक जुलूस के दौरान अगड़ी जाति और दलितों के बीच विवाद हो गया था

Bhasha | Published On: Jun 17, 2017 03:46 PM IST | Updated On: Jun 17, 2017 03:46 PM IST

सहारनपुर: भीम आर्मी के सदस्यों की गिरफ्तारी के विरोध में दलित महिलाओं ने अपनाया बौद्ध धर्म

उतर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शब्बीरपुर प्रकरण के बाद उपजी हिंसा के सिलसिले में जेल भेजे गए भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग और नामजद आरोपियों के घरों पर पुलिस की दबिश के विरोध में शनिवार को दलित महिलाओं ने रामपुर मनिहारान क्षेत्र में प्रदर्शन किया.

इन महिलाओं ने हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को विसर्जित करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का ऐलान किया.

एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इन दलित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस दलितों का उत्पीड़न कर रही है. महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर तहसील पहुंची थीं जहां उन्होंने प्रदर्शन किया.

वहां भारी मात्रा मे पुलिस बल तैनात किया गया था. गुप्ता के मुताबिक इन महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा है.

क्या है मामला?

इससे पहले 5 मई को महाराणा प्रताप की जयंती के मौके पर निकाले जा रहे एक जुलूस के दौरान अगड़ी जाति और दलितों के बीच विवाद हो गया था. इस विवाद में अगड़ी जाति के एक युवक की मौत हो गई थी. इस युवक की मौत का आरोप भीम आर्मी के सदस्यों पर लगा. इसके बाद अगड़ी और दलित जाति के बीच हिंसा भड़क गई. इस हिंसा में कई दलितों के घर भी जल गए.

इसके कुछ दिनों बाद ‘महापंचायत’ करने के अनुरोध को प्रशासन द्वारा ठुकराए जाने पर भीम आर्मी के सदस्यों ने कई गाड़ियों को आग लगा दी थी. इसके बाद भीम आर्मी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था.

इससे पहले भी सहारनपुर हिंसा के बाद 180 दलित परिवारों ने बौद्ध धर्म अपना लिया था.

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