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प्रद्युम्न मर्डर: मैनेजमेंट ने लापरवाही की सारी मर्यादाएं लांघ दी!

एसआईटी जांच में यह तय हो गया है कि हत्‍या के पीछे स्कूल प्रबंधन कोई राज छिपा रहा है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Sep 13, 2017 08:27 PM IST

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प्रद्युम्न मर्डर: मैनेजमेंट ने लापरवाही की सारी मर्यादाएं लांघ दी!

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल के 7 वर्षीय छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. प्रद्युम्न हत्या की जांच के लिए गठित एसआईटी ने स्वीकार किया है कि स्कूल प्रशासन ने हत्या के सुबूतों के साथ जानबूझ कर छेड़छाड़ की है.

प्रद्युम्न मर्डर केस में रायन इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट पर हरियाणा पुलिस का शिकंजा कसने लगा है. मंगलवार को रायन स्कूल के मालिकों ने गिरफ्तारी के डर से बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल कर दी. इस पर बुधवार को सुनवाई होनी है. मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्कूल के मालिक पिंटो फैमिली को एक दिन की राहत दी थी.

दूसरी तरफ प्रद्युम्न की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई है कि प्रद्युम्न का यौन शोषण नहीं हुआ था. प्रद्युम्न के साथ किसी भी तरह के सेक्सुअल एब्यूज की बात को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने खारिज कर दिया है.

हरियाणा सरकार द्वारा गठित एसआईटी हत्या की तह तक जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. बुधवार को एक बार फिर से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम रायन इंटरनेशनल स्कूल परिसर पहुंची. फॉरेंसिक टीम मंगलवार को भी स्कूल परिसर में कमिश्नर की मौजूदगी में कई घंटों तक छानबीन करती रही.

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची बात

दूसरी तरफ स्कूल की निलंबित प्रिंसिपल नीरजा बत्रा से बुधवार को भी पूछताछ जारी रही. एसआईटी ने मंगलवार को भी पूर्व प्रिंसिपल बत्रा से पूछताछ की थी. मंगलवार के पूछताछ में नीरज बत्रा ने पुलिस को बताया कि वह तमाम मुद्दों पर मेल और फोन के जरिए स्कूल के डायरेक्टर्स को बताती रही हैं. लेकिन, प्रबंधन ने उनकी बातों को नहीं सुना. फिलहाल नीरजा को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

बुधवार को इस हत्याकांड में गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक का ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजा गया. एसआईटी को शनिवार तक चार्जशीट दाखिल करना है, ऐसे में हरियाणा पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा जल्द से जल्द करना चाह रही है. हरियाणा पुलिस इसके लिए 14 जांच टीमें बना रखी है.

पिछले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रद्युम्न की मौत पर सख्त रुख इख्तियार किया था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सीबीआई, सीबीएसई और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों में जवाब देने को कहा था.

गौरतलब है कि हरियाणा के गुरुग्राम स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल के शौचालय में 8 सितंबर को सात साल के प्रद्युम्न की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी.

रायन स्कूल का माली हरपाल ऐसा पहला शख्स था, जिसने प्रद्युम्न को घायल अवस्था में पड़े देखा था. हरपाल ने बताया कि प्रद्युम्न वॉशरूम के अंदर नहीं बल्कि बाहर गैलरी में पड़ा था.

माली ने बताया कि वह पानी पीने जा रहा था. वॉटर कूलर तक जाने के लिए वॉशरूम की तरफ से जाना होता है. उसने बताया कि वॉशरूम के बाहर काफी बच्चे जमा थे और चीख पुकार मचा रहे थे.

हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा गुरुग्राम पहुंच चुके हैं. उन्होंने गुरुग्राम पहुंचने के बाद आरोपियों पर सख्त से सख्त कर्रवाई करने के आदेश दिए हैं

माली और बच्चों के बयान में विरोधाभास

माली के मुताबिक उसने देखा कि बच्चा गैलरी में खून से लथपथ पड़ा हुआ है. उसने प्रद्युम्न की क्लास टीचर अंजू मैडम को बताया. उसने बताया कि मैडम आई और उससे बच्चे को उठाने को कहा और अपने काम में लग गई.

माली ने बताया कि पुलिस जिस अशोक को हत्या का मुख्य आरोपी मान रही है वह घटना के वक्त वॉशरूम के आसपास मौजूद नहीं था. उसने बताया कि वॉटरकूलर की तरफ बाहर जाने का एक दरवाजा है अशोक वहां से अंदर आया. उसने बताया कि अशोक के कपड़ों पर खून नहीं था.

दूसरी तरफ कुछ छात्रों की बातों से स्कूल के दूसरे कर्मचारियों पर भी शक की सूई घूमने लगी है. रायन इंटरनेशनल स्कूल के प्रद्युम्न मर्डर केस में धारा 164 के तहत दो बच्चों के बयान दर्ज किए गए हैं.

दोनों बच्चों ने मजिस्ट्रेट और एसआईटी टीम के सामने बताया कि उन्होंने कंडक्टर अशोक को घटना के ठीक पहले बाथरूम में देखा था.

बच्चों के बयान के मुताबिक उस वक्त स्कूल के टॉयलेट में कुल तीन बच्चे थे. प्रद्युम्न की हत्या से पहले तीनों बच्चों ने कंडक्टर अशोक को टॉयलेट के अंदर देखा था. दरअसल, ये तीनों बच्चे अपनी ताइक्वांडो ड्रेस चेंज करने के लिए वहां गए थे.

बच्चों ने अपने बयान में खुलासा किया है कि उस वक्त एक माली भी टॉयलेट के अंदर था. उसने भी कंडक्टर को टॉयलेट के अंदर देखा था. इसके बाद चारों टॉयलेट के बाहर चले गए थे.

बच्चों और माली की बातों में विरोधाभास नजर आ रहा है. ऐसे में पुलिस सभी लोगों को आमने सामने बैठा कर पूछताछ करने वाली है.

प्रद्युम्न इस स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था. प्रद्युम्न की मौत के बाद से ही उसके माता-पिता हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं. प्रद्युम्न के माता-पिता स्कूल प्रशासन पर मुख्य आरोपी को बचाने का आरोप लगा रहे हैं.

प्रद्युम्न की हत्या मामले में आखिरकार मां-बाप का शक सही निकलता जा रहा है. स्‍कूल प्रबंधन और पुलिस के तमाम दावों के बीच प्रद्युम्न की मां लगातार इस बात पर कायम थी कि मेरे बेटे को कंडक्टर अशोक ने नहीं मारा है. इसके पीछे जरूर कोई बड़ी चाल है.

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एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद स्‍कूल प्रबंधन के दावों की पोल खुल चुकी है. जांच में यह तो तय हो गया है कि हत्‍या के पीछे स्कूल प्रबंधन एक बड़ा राज छिपा रहा है.

एसआईटी की रिपोर्ट से उठते सवाल

एसआईटी की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात है. उसमें दावा किया गया है कि जघन्य हत्या के मामले में किसी अन्य शख्स की भी भूमिका संभावित है, जो इस वारदात को अंजाम देने के बाद जो शौचालय की टूटी खिड़की के रास्ते से भाग गया होगा.

रिपोर्ट में साफ है कि स्‍कूल प्रबंधन ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है. ऐसे में शक की सुई स्‍कूल प्रबंधन पर जाना लाजमी है. मृतक छात्र प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर पहले से ही यह कह रहे हैं कि उनके बच्चे की हत्या योजना बनाकर की गई.

इस मामले में अब जांच गुरुग्राम से मुंबई तक पहुंच गई है. स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त ना होने के आरोपों के बीच हरियाणा पुलिस ने अपनी एक जांच टीम मुंबई भेजी है.

हरियाणा पुलिस स्कूल के सीईओ रायन पिंटो और अन्य शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ भी करेगी.

रायन इंटरनेशल स्कूल के मालिकों ने मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर रखी है. जिस पर कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर एक दिन के लिए रोक लगा दी थी.

लेकिन, बुधवार को सुनवाई के दौरान मृतक छात्र प्रद्युम्न ठाकुर के पिता वरुण ठाकुर ने स्कूल के सीईओ और अन्य शीर्ष अधिकारियों को जमानत देने का विरोध किया है. रायन स्कूल का संचालन करने वाले पिंटो परिवार से अभी तक किसी भी तरह की कोई पूछताछ नहीं की गई है.

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