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रायन की एक्स-स्टूडेंट ने ओपन लेटर में पिंटो पर लगाया शोषण का आरोप

रायन इंटरनेशनल स्कूल की एक पूर्व छात्रा इतिशा नागर ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ एक ओपन लेटर लिखा है

FP Staff Updated On: Sep 12, 2017 01:49 PM IST

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रायन की एक्स-स्टूडेंट ने ओपन लेटर में पिंटो पर लगाया शोषण का आरोप

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के मासूम की हत्या के बाद पूरे देश के पेरेंट्स प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. दो साल में यह दूसरी वारदात है जब रायन ग्रुप के किसी स्कूल में स्टूडेंट की मौत हुई है. ऐसे में स्कूल की एक पूर्व छात्रा इतिशा नागर ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ एक ओपन लेटर लिखा है.

इतिशा वर्तमान में एक साइकोलॉजिस्ट हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरु कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. अपने लेटर में इतिशा ने लिखा कि उन्होंने स्कूल में 13 सालों तक पढ़ाई की है, स्कूल से उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हैं, वह अब भी अपने स्कूल के कई शिक्षकों के संपर्क में हैं.

उन्होंने लिखा कि यह शर्मनाक है कि आपके स्कूल में बच्चे की मौत हो जाती है और स्कूल के सीईओ रायन पिंटो कहते हैं कि इस मामले में वह खुद भी शिकार हुए हैं. वहीं जब स्विमिंग पूल में डूबने से बच्चे की मौत पर प्रिंसिपल बच्चे पर दोष मढ़ती हैं कि वे कुछ ज्यादा ही एक्टिव था.

इतिशा ने लिखा इंटरनेशनल स्कूलिंग हमसे पैसे के साथ-साथ जान भी लेने लगी है, लेकिन क्या हमें वहां क्वालिटी एजुकेशन मिलता है.

स्कूल में चलती है तानाशाही

इतिशा ने लिखा कि स्कूल में तानाशाही चलती है. शिक्षकों और छात्रों को वही सोचने और करने पर मजबूर किया जाता है जो स्कूल मैनेजमेंट चाहता है. इतिशा लिखती हैं, ‘मुझे याद मुझे सिखाया जाता था कि चेयरमैन से क्या कहना है. वो सिखाते थे. हम आपसे प्यार करते हैं, आप बेस्ट हैं, हमें इससे बेहतर कुछ नहीं मिल सकता था. यह अहसास करने में मुझे कई साल लगे कि रायन के मालिक चापलूसों को पसंद करते हैं और उन्हें व्यक्तिगत विचार रखने वाले पसंद नहीं हैं.’

बॉलीवुड में ब्रेक के लिए स्कूल में थिएटर फेस्टिवल

इतिशा ने लिखा स्कूल में एन्यूअल डे और स्पोर्ट्स डे बंद करवा कर हर साल थिएटर फेस्टिवल मनाया जाता था. इसमें सभी छात्रों को भाग लेना जरूरी होता था फिर चाहे इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित क्यों न हो? इतिशा लिखती हैं, ‘इन थिएटर फेस्टिवल्स के जरिए रायन पिंटो बॉलीवुड में अपने कनेक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे ताकि उन्हें फिल्मों में ब्रेक मिल जाए.'

शिक्षकों और पैरेंट्स का शोषण

इतिशा ने लिखा है कि दो साल पहले स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से सभी टीचर्स और पैरेंट्स को एसएमएस भेजकर बीजेपी जॉइन करने के लिए कहा था. स्कूल का कहना था कि यह आपकी मर्जी है, पर कुछ टीचर्स ने दावा किया था कि इसके लिए उनकी सैलरी भी रोक दी गई थी. इतिशा लिखती हैं कि ये मैडम ग्रेस पिंटो के राज्यसभा सीट की दावेदारी को मजबूत करने के लिए किया गया था. उन्होंने लिखा, ‘हमारे कई अच्छे प्रिंसिपल्स ने खराब स्थितियों का हवाला देकर इस्तीफे दिए थे’.

इतिशा ने यह भी लिखा कि स्कूल में ईसाई धर्म पर जोर दिया जाता था. उन्होंने लिखा- 'एक दिन सभी क्लासरूम्स के बाहर लगे क्रिएटिविटी बोर्ड को हटाकर बाइबल के वर्सेस वाले बोर्ड्स लगवा दिए गए.' इतिशा लिखती हैं कि उन्हें बाइबल के वर्स पढ़ना अच्छा लगता था लेकिन बच्चों से क्रिएटिविटी छीन ली गई. वह लिखती हैं कि ऐसे ही एक दिन म्यूजिक रूम से सरस्वती की मूर्ति गायब हो गई.

इतिशा लिखती हैं, ‘यह मायने नहीं रखता कि आप हर साल कितने नए स्कूल खोलते हैं लेकिन यह जरूरी है कि आपके स्कूल शिक्षा के मूल उद्देश्य को पूरा करें. जिम्मेदार और खुली सोच वाले नागरिक बनाएं. यह भी नहीं कर सकते तो कम से अपने स्कूल में हमारे बच्चों की सुरक्षा का ख्याल रखें. नहीं तो बंद कर दें अपने ये स्कूल.'

(साभार: न्यूज 18)

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