S M L

सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: राठौड़ को दिया चेक हुआ बांउस तो बिल्डर पर होगी कार्रवाई

राठौड़ ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के गुरूग्राम स्थित एक्सोटिका परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया था लेकिन उन्होंने फ्लैट का कब्जा लेने से मना कर दिया क्योंकि वह रहने लायक नहीं था

Bhasha Updated On: Sep 04, 2017 09:10 PM IST

0
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: राठौड़ को दिया चेक हुआ बांउस तो बिल्डर पर होगी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी पार्श्वनाथ डेवलपर्स से कहा है कि अगर उसके द्वारा केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को दिए गए चेक ‘डिसआनर’ होते हैं तो कंपनी के अधिकारी अवमानना के लिए उत्तरदायी होंगे.

उच्चतम न्यायालय को सूचित किया गया था कि राठौड़ ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के गुरूग्राम स्थित एक्सोटिका परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया था. लेकिन उन्होंने फ्लैट का कब्जा लेने से मना कर दिया क्योंकि वह रहने लायक नहीं था. इसके बाद बिल्डर ने उन्हें उनके पैसे लौटाने के लिए ‘पोस्ट-डेटेड चेक’ दिए थे.

न्यायालय को सूचित किया गया कि राठौड़ और बिल्डर के बीच समझौता हुआ था जिसके तहत बिल्डर ने उन्हें पांच ‘पोस्ट-डेटेड चेक’ दिए थे. इसके अलावा कंपनी ने उन्हें कुछ राशि पहले ही दी थी.

पैसे नहीं लौटाने पर लगेगा कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने बिल्डर को चेतावनी दी कि अगर दिए गए समय पर चेक आनर नहीं होते तो उसके अधिकारी अवमानना के लिए उत्तरदायी होंगे.

पीठ ने कहा, ‘हम निर्देश देते हैं कि अपीलकर्ता (राठौड़) को सौंपे गए चेक दी गयी समयसीमा के अंदर आनर हों, ऐसा नहीं होने पर कंपनी के लिए जवाबदेह सभी लोग अवमानना के लिए उत्तरदायी होंगे.’ हालांकि कंपनी ने पीठ को आश्वस्त किया कि चेक समय पर कैश हो जाएंगे.

पीठ ने राठौड़ की याचिका का निपटारा करते हुए उन्हें मौका दिया कि अगर चेक डिसआनर होते हैं तो वह इस मामले को फिर से उठा सकते हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi