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सिद्धारमैय्या के आदेश का असर, हटने लगे बेंगलुरु मेट्रो से हिंदी साइन बोर्ड

कई कन्नड़ आंदोलनकारियों ने दावा किया था कि केंद्र सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान किए बिना जबरदस्ती उनपर हिंदी थोप रही है

FP Staff Updated On: Aug 04, 2017 08:02 PM IST

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सिद्धारमैय्या के आदेश का असर, हटने लगे बेंगलुरु मेट्रो से हिंदी साइन बोर्ड

बेंगलुरु के 'नम्मा मेट्रो' से हिंदी साइन बोर्डों के हटने का सिलसिला शुरू हो चुका है. शुक्रवार को तीन स्टेशनों से बोर्ड हटाने के साथ ही इसकी शुरुआत हो गई.

गौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैय्या ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर कहा था कि वह लोगों की मांग पर नम्मा मेट्रो में 2 भाषा नीति पर चलेगी.

न्यूज़ 18 की खबर के मुताबिक जिन स्टेशनों से साइन बोर्ड हटाए गए हैं उनमें चिकपेट, जयनगर और मैजेस्टिक स्टेशन शामिल हैं.

शहर के कई कन्नड़ आंदोलनकारियों ने दावा किया था कि केंद्र सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान किये बिना जबरदस्ती उनपर हिंदी थोप रही है.

'दक्षिण भारतीय हो तीसरी भाषा'

उनका मानना था कि अगर कोई तीसरी भाषा इस्तेमाल करनी है तो वो तमिल या तेलुगु होनी चाहिए जिनका यहां भारी इस्तेमाल होता है. उनका ये भी कहना है कि उत्तर भारतीय लोग अंग्रेजी से भी काम चला सकते हैं.

मालूम हो कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने पिछले साल दिसम्बर में देश के सभी गैर-हिंदी भाषी राज्यों में मेट्रो ट्रेनों में 3 भाषा नीति का पालन करने का आदेश दिया था.

राज्य सरकार के इस कदम को चुनाव से पहले राज्य में खुद को मजबूत करने का कदम भी बताया जा रहा है.

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