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आतंकी और धोखेबाज बिटकॉइन का कर सकते हैं दुरुपयोग: रिजर्व बैंक

आरबीआई ने कहा कि- उसने अन्य आभासी मुद्रा को चलाने के बारे में किसी को लाइसेंस या अधिकार नहीं दिया है

Bhasha Updated On: Sep 04, 2017 09:09 PM IST

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आतंकी और धोखेबाज बिटकॉइन का कर सकते हैं दुरुपयोग: रिजर्व बैंक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कहा है कि बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा का आतंकवादी और धोखाधड़ी करने वाले लोग दुरुपयोग कर सकते हैं. आरबीआई ने इससे संभावित काला धन के जोखिम के प्रति संसदीय समिति को आगाह किया है.

वित्त पर संसद की स्थायी समिति से केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने किसी इकाई या कंपनी को इस तरह की योजना चलाने या बिटकॉइन या किसी अन्य आभासी मुद्रा को चलाने के बारे में लाइसेंस या अधिकार नहीं दिया है.

आरबीआई ने साफ कहा कि आभासी मुद्रा रखने वाले या उसका इस्तेमाल करने वाले या उसके निवेशक और कारोबारी इसका इस्तेमाल अपने जोखिम पर ही कर सकते हैं.

बैंक ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने आभासी मुद्रा के संदर्भ में नियामकीय ढांचे की समीक्षा को एक अंतर अनुशासनात्मक समिति गठित की है. इसमें रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. बैंक की ओर से यह भी कहा गया कि यह सच है कि आभासी मुद्रा का इस्तेमाल लीगल है लेकिन इसकी कुछ चीजें ऐसी हैं जो इसके दुरुपयोग की आशंका पैदा करती हैं.

NEW DELHI, INDIA MAY 3: View of RBI buidling on May 3, 2013 in New Delhi, India. (Photo by Ramesh Pathania/Mint via Getty Images)

क्या है बिटकॉइन?

बिटकॉइन एक नई इनोवेटिव डिजिटल टेक्नोलॉजी या वर्चुअल करेंसी है. इसको 2008-2009 में सातोशी नाकामोतो नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने प्रचलन में लाया था.

कंप्यूटर नेटवर्कों के जरिए इस मुद्रा से बिना किसी मध्‍यस्‍थ के ट्रांजेक्‍शन किया जा सकता है. इस डिजिटल करेंसी को डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है. बिटकॉइन को क्रिप्टो करेंसी भी कहा जाता है. जबकि जटिल कंप्यूटर एल्गोरिथम्स और कंप्यूटर पावर से इस मुद्रा का निर्माण किया जाता है जिसे माइनिंग कहते हैं.

जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है. ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारंपरिक मुद्राओं में भी बदला जाता है.

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