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नोटबंदी के छह महीने बाद भी आरबीआई नहीं देना चाहता डिटेल

8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का निर्णय लिया गया था

Bhasha Updated On: May 10, 2017 06:30 PM IST

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नोटबंदी के छह महीने बाद भी आरबीआई नहीं देना चाहता डिटेल

रिजर्व बैंक ने नोटबंदी का ब्योरा देने से साफ इंकार कर दिया है. आरबीआई का कहना है ऐसा करना आर्थिक हितों के लिए नुकसानदेह होगा.

सूचना के अधिकार के तहत दाखिल एक आवेदन पर केंद्रीय बैंक ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया का विवरण बताने से भारत सरकार की भावी आर्थिक या वित्तीय नीतियों की रास्ते में बाधाएं आ सकती हैं.

आरबीआई से उसके कार्यालय में हुई उन बैठकों के ब्योरे की प्रति मांगी गई थी जिनमें 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का निर्णय लिया गया था.

उससे नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय एवं वित्त मंत्रालय के साथ हुए पत्र व्यवहार की प्रति भी मांगी गई थी.

नोटबंदी प्रक्रिया पूरी होने से पहले की जानकारी मांगी गई

आरबीआई ने आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा, ‘आवेदन में मांगी गई सूचना में 500 और 1000 रुपए के नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले की जानकारी मांगी गई है. जिसमें इस प्रक्रिया से संबंधित राय, आंकड़े, अध्यन.सर्वेक्षण आदि शामिल हैं.‘

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उसने कहा, ‘ऐसी सूचना का खुलासा, ऐसे फैसले लेने के उद्देश्य की दृष्टि से देश के आर्थिक हितों के लिए नुकसानदेह होगा.‘

आरबीआई ने कहा कि इस तरह के विवरण देने से भारत सरकार की भावी आर्थिक या वित्तीय नीतियों के रास्ते में बाधा आ सकती है. सूचना के अधिकार कानून की धारा आठ :1: के तहत इस तरह की सूचना न देने की छूट है.

यह धारा उन सूचनाओं को साझा करने पर रोक लगाती है जो देश की संप्रभुता एवं अखंडता, दूसरे देशों के संदर्भ में देश की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों पर बुरा असर डाल सकती है.

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