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पंजाब में हाईवे पर फिर मिलेगी शराब: सरकार ने ढूंढ निकाला 'रास्ता'

कैप्टन अमरिंदर सरकार ने पंजाब एक्साइज एक्ट, 1914 के एक अनुभाग में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है

Nazim Naqvi Updated On: Jun 20, 2017 09:27 PM IST

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पंजाब में हाईवे पर फिर मिलेगी शराब: सरकार ने ढूंढ निकाला 'रास्ता'

जब से सुप्रीम कोर्ट का फरमान आया कि ‘स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक अब शराब की दुकानें नहीं होंगी’ पंजाब को तो जैसे सांप सूघ गया था. लेकिन जैसे ही पंजाब की नव-गठित कैबिनेट ने सोमवार को पंजाब एक्साइज एक्ट, 1914 के एक अनुभाग में संशोधन करने की मंजूरी दे दी, पंजाब में लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई है.

खबर है कि पंजाब सरकार राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे के भीतर शराब की बिक्री को प्रतिबंधित करने वाले आदेश से होटल, रेस्तरां और क्लबों को छूट देगी.

कभी मशहूर शायर ‘जिगर मुरादाबादी’ ने कानून की रक्षा करने वाले (मोहतसिब) से, ऐसे ही किसी कानूनसाजी पर तड़प कर कहा था...

ऐ मोहतसिब न फेंक, अरे मोहतसिब न फेंक

ज़ालिम शराब है, अरे जालिम शराब है

पता नहीं उस वक्त उनकी बात मोतासिब ने सुनी थी या नहीं लेकिन पंजाब के जिगरावालों की फरियाद पर पंजाब सरकार का दिल पसीज गया लगता है. पंजाब में ऐसे कोई कानूनी फरमान बिल्कुल ऐसा है जैसे किसी को सांस लेने से रोक दिया जाए.

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे के अंदर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था

हमारे देश में कानून बनानेवाले इस देश कि विविधता को समझे बगैर तुगलकी फरमान जारी कर देते हैं. बिना यह सोचे समझे कि कश्मीर में लोग कूलर नहीं चलाएंगे या मद्रास में कंबल नहीं ओढेंगे.

पंजाब दिलवालों का सूबा है. यहां दिमाग से ज्यादा दिल से काम लिया जाता है. ‘गलती नई करेंगा ते सिखेंगा किंज’ वाले हौसले का राज्य है पंजाब. एक साहब कहने लगे पंजाब का मतलब है ‘कॉकटेल’. हमारी खोपड़ी घूम गई, हमने पूछा वो कैसे, बोले देख भई पांच नदियों से मिलकर बना है पंजाब तो कॉकटेल नहीं हुआ तो क्या हुआ?

वो तो कहिए अपने फरमान का असर देखने के लिए खुद सुप्रीम कोर्ट पंजाब के राजमार्गों पर नहीं निकला वर्ना कोई दिलजला उनसे यह कह बैठता...

मैकदा है जनाबे-शेख यहां

कौन सुनता है आपकी बातें

और अगर अदालत बिगड़ते हुए कहती कि 'कैसे पालन नहीं करेंगे आप कानून का', तो कोई उसे ‘बिस्मिल देहलवी’ का यह शेर सुना देता...

तौबा तो हम भी कर लें अभी, शेख जी मगर

निभती हमें नजर नहीं आती शबाब में

लेकिन इससे पहले कि अदालत का आदेश पंजाब की आंखों में पानी ले आता, सरकार ने समय रहते इसका अंदाजा कर लिया. इसके लिए वो दूर की एक कौड़ी लेकर आए हैं. पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया 'शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है, शराब की खपत पर कोई प्रतिबंध नहीं है.' हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि 'जनाब बिक्री के बिना होटल में शराब का सेवन कैसे किया जायगा?' तो वह इसका जवाब टाल गए.

Wine Shop

एक अनुमान के मुताबिक पंजाब में प्रति व्यक्ति शराब की खपत देश भर में सबसे ज्यादा है

लगता है कि कबिनेट को अदालत के आदेश में संशोधन के लिए मजबूत तर्कों कि जरुरत होगी तभी यह मुमकिन हो पाएगा, लेकिन पंजाब को इससे क्या, वह तो बस विज्ञप्ति से ही झूम उठा है. उसके लिए इतना काफी है कि हुकूमत को उसकी प्यास का अंदाजा है. बाक़ी काम तो वह खुद कर लेगा.

अब शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं था. मैंने अपने एक पंजाबी दोस्त को यह खबर सुनाई तो सुनकर बजाए खुश होने के जनाब गालिब का शेर पढ़ने लगे...

मुझ तक कब उनकी बज्म में आता था कोई जाम

साकी ने कुछ मिला न दिया हो शराब में

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