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भारत में पहले से बेहतर हुआ है पेयजल: डब्ल्यूडब्ल्यूसी

संयुक्त राष्ट्र के निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक साल 2030 तक सबको पानी और स्वच्छता सुलभ होनी चाहिए

Bhasha | Published On: May 06, 2017 06:55 PM IST | Updated On: May 06, 2017 10:49 PM IST

भारत में पहले से बेहतर हुआ है पेयजल: डब्ल्यूडब्ल्यूसी

भारत में पिछले पांच साल के दौरान पेयजल मानकों में सुधार आया है. ये कहना है विश्व जल परिषद के प्रमुख बेनेदितो ब्रागा का. विश्व जल परिषद (डब्ल्यूडब्ल्यूसी) ने हाल ही में भारत समेत दुनिया के प्रमुख हिस्सों में पानी को लेकर जागरूकता के बारे में एक सर्वेक्षण किया.

बेनेदितो ब्रागा ने कहा, ‘भारत में पीने के पानी के मानक में सुधार लाने के लिये पिछले पांच साल के दौरान कुछ काम किया गया है. हालांकि, इस दिशा में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है.’

यह सर्वेक्षण आठवें विश्व जल मंच के आयोजन से पहले किया गया. विश्व जल मंच का आयोजन मार्च 2018 में ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में होने जा रहा है.

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भारत की एक बड़ी आबादी मानती है कि पीने के पानी की गुणवत्ता पहले से बेहतर हुई है

2030 तक सबको पानी और स्वच्छता सुलभ होनी चाहिए

सर्वेक्षण के अनुसार एक तिहाई से अधिक भारतीयों को लगता है कि संयुक्त राष्ट्र लगातार विकास लक्ष्यों को पाने के लिये काफी कुछ नहीं किया जा रहा है. इस लक्ष्य के तहत साल 2030 तक सभी को पानी और स्वच्छता सुलभ होनी चाहिए.

सर्वेक्षण के मुताबिक 31 फीसदी भारतीयों का कहना है कि वह ऐसी स्थिति में हैं जिसमें पानी पीना असुरक्षित है लेकिन उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है. गंदे पानी की समस्या के चलते काफी संख्या में लोग आंत रोग और डायरिया  जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं. हालांकि, 71 फीसदी भारतीयों ने कहा है कि पिछले 5 साल के दौरान सुरक्षित पीने के पानी की उपलब्धता में सुधार आया है.

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