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नीतीश का आदेश, 'बिहार में न शराब आये और न मिले..ये मुस्तैदी से लागू हो'

शराब की जब्ती के बाद पुलिस मालखाना में रखी करीब नौ लाख लीटर से अधिक शराब को कथित रूप से चूहों ने गटक लिया था

Bhasha | Published On: May 11, 2017 03:38 PM IST | Updated On: May 11, 2017 03:38 PM IST

नीतीश का आदेश, 'बिहार में न शराब आये और न मिले..ये मुस्तैदी से लागू हो'

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के मद्देनजर शराब के सेवन और इसकी तस्करी करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने सघन अभियान छेड़ा था.

शराब की जब्ती के बाद पुलिस मालखाना में रखी करीब नौ लाख लीटर से अधिक शराब को कथित रूप से चूहों ने गटक लिया था ऐसा बिहार पुलिस का कहना था.

ये मामला पिछले सप्ताह सामने आया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया कि बिहार में न तो शराब आये और न मिले यह सुनिश्चित किया जाए.

कुमार ने मुख्य सचिवालय में शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के हर बिन्दू की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया.

इस दौरान उन्होंने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के बिन्दू की भी समीक्षा की.

समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जोनल आईजी, प्रमण्डलीय आयुक्त डीआईजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे.

उन्होंने खासकार शहरों में शराब मिलने, शराब माफियाओं को पकड़ने, उनके वाहनों, घर एवं संपति को नीलाम करने के बिन्दु पर कठोरता बरतने के संबंध में समीक्षा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराब नहीं आये और न मिले यह सुनिश्चित किया जाए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस बिन्दू पर भी निर्देश दिये गये कि अगर कोई कर्मी भी इसमें शामिल पाया जाए तो उसपर कठोर कर्रवाई सुनिश्चित हो.

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि शराब माफिया जो अवैध व्यापार कर रहे हैं और जो शराब बाहर से ला रहे हैं उनपर कठोर कर्रवाई करें.

उन्होंने निर्देश दिया कि जो भी गडबडी कर रहे हैं उनपर सख्त कर्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही मातहत कर्मचारियों के काम पर भी नजर रखें. गडबडी करने वालों को किसी भी सूरत पर नहीं बख्शा जाए.

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे हर दिन प्रगति की समीक्षा करें अपने स्रोत से सूचना संग्रहित करें और कार्रवाई सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि सख्ती से काम करेंगे तो यह धंधा पूरी तरह रूक जायेगा और पूरे देश में संदेश जायेगा. नीतीश ने कहा कि बिहार का जनमत शराबबंदी के पक्ष में है. शराबबंदी के पक्ष में चार करोड़ लोगों ने प्रदेश में मानव श्रृंखला बनायी. मुट्ठी भर लोग शराब का धंधा कर रहे हैं और चंद लोग सिस्टम को खराब कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वह जोनल पुलिस महानिरीक्षकों से समीक्षा नहीं एक्शन चाहते हैं.

बमीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 13 महीने के दौरान 9.15 लाख लीटर अल्कोहल, देशी और विदेशी शराब जब्त किए गए. पुलिस क्राईम मीटिंग के दौरान यह बात सामने आयी कि इसमें से एक बडा हिस्सा पुलिस थाना लाने के क्रम में बरबाद हो गए जबकि उतनी ही बडी मात्रा को चूहे पुलिस मालखाना में हजम कर गए.

पटना क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक नय्यर हसनैन खान ने बताया था कि उन्होंने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पुलिस मालखाने से इसका भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

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