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निर्भया के पिता ने कहा: मेरी बेटी की आत्मा को अब शांति मिलेगी

बद्री नाथ सिंह और उनकी पत्नी आशा देवी ने फैसले के बाद कहा कि उनकी बेटी की आत्मा को भी अब शांति मिलेगी

Bhasha Updated On: May 05, 2017 07:30 PM IST

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निर्भया के पिता ने कहा: मेरी बेटी की आत्मा को अब शांति मिलेगी

उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद बद्री नाथ सिंह को आखिरकार शुक्रवार की रात नींद आएगी. अपनी बेटी से 16 दिसंबर 2012 को सामूहिक बलात्कार होने के बाद करीब पांच साल तक वह चैन से सो नहीं सके थे.

सिंह ने कहा, ‘आज की रात मैं चैन से सोऊंगा.’

उच्चतम न्यायालय ने मामले के चार दोषियों की मौत की सजा कायम रखी है.

सिंह और उनकी पत्नी आशा देवी ने फैसले के बाद कहा कि उनकी बेटी की आत्मा को भी अब शांति मिलेगी.

10 मई को 28 साल की होती निर्भया 

मृतका के पिता ने कहा, ‘यदि वह जीवित होती तो इस 10 मई को वह 28 बरस की हो जाती. शुक्रवार का फैसला उसके लिए एक तोहफा है.’

हालांकि, उन्होंने न्याय देने में अदालतों के देर करने पर रंज जताया. उन्होंने बलात्कार की अन्य पीड़िताओं के भविष्य के बारे में हैरानगी जताई.

सिंह ने कहा, ‘उन लोगों के लिए क्या न्याय हुआ जिनके मामले अदालतों में लंबित हैं.’

उन्होंने कहा कि लेकिन उच्चतम न्यायालय का फैसला न्याय मांग रही बलात्कार पीड़िताओं का मनोबल बढ़ाएगा.

बलात्कार पीड़िताओं की मदद के लिए निर्भया ज्योति ट्रस्ट शुरू करने वाले माता पिता ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी बेटी की पहचान उसके नाम से होनी चाहिए.

मीडिया के धड़ों ने उसे निर्भया कह कर पुकारा क्योंकि कानून बलात्कार पीड़िता का नाम लेने से रोकता है.

अपराधियों को शर्म आनी चाहिए न कि पीड़ित को 

सिंह ने कहा कि जो लोग ऐसे अपराध करे हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए, ना कि हमें.

पिछले पांच साल के बारे में बात करते हुए आशा देवी ने कहा कि ऐसा कोई पल नहीं गुजरा, जब उन्हें अपनी बेटी की याद नहीं आई.

फैसला सुनाए जाने के वक्त खचाखच भरे न्यायालय कक्ष में मौजूद रही आशा ने कहा, ‘कभी कभी मैं कमजोर महसूस करती थी, लड़ाई छोड़ देना चाहती थी. लेकिन मेरी बेटी का चेहरा मेरी आंखों के सामने झलक जाता था.’

क्या हुआ उस रोज?

23 वर्षीय फिजियोथरेपी छात्रा से 16 दिसंबर 2012 को एक चलती बस में पांच लोगों और एक किशोर ने बलात्कार किया था और उस पर हमला किया था. इसके बाद आरोपियों ने उसे और उसके पुरुष साथी को वाहन से बाहर फेंक दिया था.

अंदरूनी चोट के चलते दो हफ्ते बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. वहां उसे इलाज के लिए ले जाया गया था.

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