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संघ का सीक्रेट प्लान: मौलवियों को आगे कर बनवाया जाए राम मंदिर

इस मैराथन बैठक का आयोजन आरएसएस से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से किया जा रहा है

Amitesh Amitesh | Published On: May 05, 2017 04:55 PM IST | Updated On: May 05, 2017 04:55 PM IST

संघ का सीक्रेट प्लान: मौलवियों को आगे कर बनवाया जाए राम मंदिर

रुड़की के पाटन कलियार दरगाह में देश भर के अलग-अलग जगहों से मौलाना जमा हो रहे हैं. लगभग तीन सौ के करीब मौलाना दो दिनों तक मंथन कर रहे हैं देश के मौजूदा हालात और कुछ ऐसे मुद्दों पर जिसका देश की सियासत पर भी दूरगामी असर हो सकता है.

पांच और छह मई को होने वाली इस मैराथन बैठक का आयोजन आरएसएस से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से किया जा रहा है.

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की कोशिश शुरू से ही रही है कि देश के मुसलमानों को कैसे बीजेपी और संघ के करीब लाया जाए और उनके भीतर की उस गलतफहमी को भी दूर किया जाए. इस कारण ही मुस्लिम समाज अब तक संघ के समीप आने से कतराता रहा है.

अब इस माहौल में जब देश के भीतर मोदी सरकार और यूपी में योगी सरकार आने के बाद से ही अयोध्या में राम मंदिर से लेकर तीन तलाक के मुद्दे पर जोरदार बहस हो रही है.

ठीक उसी वक्त मुस्लिम समाज के भीतर से ही इसका समाधान ढूंढने को लेकर आवाजें उठ रही हैं. इसी आवाज को और बुलंद करने का बीड़ा संघ से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने उठाया है.

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक मो. अफजल ने फर्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया कि हम चाहते हैं कि हर उस मुद्दे पर चर्चा हो और चर्चा के जरिए ही इसका समाधान निकालने की कोशिश भी हो.

खासतौर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से कोशिश हो रही है कि मुस्लिम धर्मगुरूओं से लेकर मौलानाओं तक सबको इस बात के लिए राजी किया जाए कि अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर का ही निर्माण किया जाए.

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Ayodhya

राममंदिर का निर्माण

मो. अफजल का मानना है कि अयोध्या में राम मंदिर का ही निर्माण होना चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट का जो फैसला आया है उसके बाद ये साबित हो गया है कि वहां मस्जिद नहीं थी.

न ही वक्फ बोर्ड के पास इस बात की कोई जानकारी है और न ही किसी तरह से वहां जमीन खरीदी गई थी. लिहाजा हाईकोर्ट के फैसले से तो साफ है कि वहां कोई मस्जिद नहीं थी.

मो.अफजल कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी समुदाय के लोगों को आपस में बातकर मसले का समाधान करने का एक सही मौका हाथ दिया है. लिहाजा, इसे बेकार नहीं जाने देना चाहिए.

उनका मानना है कि दो दिन की इस बैठक में इस बाबत चर्चा भी होगी और मुस्लिम समाज के भीतर एक सहमति बनाने की कवायद भी होगी.

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के एजेंडे में पहले से ही रहा है. लेकिन, अबतक विवाद के चलते रामलला का मंदिर नहीं बनाया जा सका है. विवादित ढ़ांचा ढहाए जाने के बाद से ही मामला कोर्ट में लंबित रहा है.

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सबको इंतजार है लेकिन उसके पहले संघ की तरफ से पहल मामले पर आम सहमति बनाकर कोर्ट से  बाहर भी विवाद खत्म करने की हो रही है.

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Hindu and Muslim school children offer prayers for peace inside their school in the western Indian city of Ahmedabad September 23, 2010. The Supreme Court on Thursday ordered the Allahabad High Court to delay a potentially explosive verdict on whether Hindus or Muslims own land around the demolished Babri mosque in Ayodhya. REUTERS/Amit Dave (INDIA - Tags: SOCIETY RELIGION) - RTXSKG5

तीन तलाक पर भी चर्चा

इन दिनों संघ और बीजेपी के एजेंडे में ट्रिपल तलाक का मुद्दा भी काफी उपर है. संघ परिवार की कोशिश इसी बात को लेकर रही है कि ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे को उठाकर मुस्लिम महिलाओं को अपने पाले में लाया जा सकता है.

संघ की यह हमदर्दी मुस्लिम धर्मगुरूओं से लेकर मुस्लिम उलेमाओं तक को नागवार गुजरती है लेकिन, संघ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के माध्यम से ही सही कई मौलानाओं को अपने साथ जोड़कर इस मुद्दे पर बड़ी बहस और बड़ा अभियान चलाने की जद्दोजहद कर रहा है.

रूड़की में तीन तलाक के मुद्दे पर भी बहस कर इसके खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी हो रही है.

गोहत्या के खिलाफ अभियान

गोहत्या और इससे जुडे मुद्दों को लेकर पहले से ही राजनीति गरमाई हुई है. गो वंश की रक्षा को लेकर पहले से ही कानून है लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर सियासत चमकाने से कोई बाज नहीं आता है.

खासतौर से मुस्लिम समाज को लेकर गोवंश को लेकर एक धारणा बनाई गई है जिसे तोड़ना बेहद जरूरी है.

राजस्थान में अभी हाल ही में हुए घटनाक्रम ने यह सोंचने पर मजबूर कर दिया है गो वंश के मुद्दे पर मुस्लिम समाज को लोगों को कैसे शक की नजर से देखा जा रहा है. शक के आधार पर उनके उपर जानलेवा हमले तक हो रहे हैं.

kar sevak in ayodhya ram mandir temple

अब इसी बीच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की कोशिश इस शक को खत्म करने की है. रूड़की में मंच से मौलवी मुसलमानों को गाय के गुण बताएंगे और कम से कम एक गाय गोद लेने को प्रेरित भी करेंगे.

मदरसों में सुधार पर जोर

मुस्लिम समाज की तरफ से चलाए जा रहे मदरसों में भी भारतीय तहजीब का घोल मिलाकर मुसलमानों को देश के संस्कार और संस्कृति से घुलने की दिशा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एक बड़ा कदम उठा रहा है.

मुस्लिम युवाओं के अंदर भटकाव और बिखराव के बजाए रोजगार और हुनर का विकास हो जोर इस पर ज्यादा दिया जा रहा है. दो दिनों के मंथन में संघ के हिंदुत्व का लेप लगे राष्ट्रवाद के एजेंडे की तरफ मौलानाओं को लाने की कवायद हो रही है.

शायद यहां बनी सहमति दोनों समाजों के बीच के विवाद को खत्म कर आने वाली पीढी के लिए एक नई राह तैयार कर सके.

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