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मॉनसून आने की खुशी लेकिन सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंचे

टमाटर की कीमत 70 से 80 रुपए तो धनिया 200 रुपए किलो तक बिक रहा है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh | Published On: Jun 30, 2017 06:38 PM IST | Updated On: Jun 30, 2017 07:16 PM IST

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मॉनसून आने की खुशी लेकिन सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंचे

देश में मॉनसून के दस्तक के साथ ही मुनाफाखोरों की चांदी आ गई है. देश के कई हिस्सों में सब्जियों के रेट आसमान छू रहे हैं. फुटकर बाजार में सब्जी के दामों में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

पिछले सप्ताह तक केवल टमाटर, धनिया के दाम बढ़े थे. लेकिन, इस सप्ताह से अन्य सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

गाजियाबाद के साहिबाबाद सब्जी मंडी में भी यही हाल है. सब्जियों के दाम में काफी अंतर है. किसानों से आधी कीमत पर सब्जी खरीद कर व्यापारी मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं.

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मिडिल क्लास और गरीब प्रभावित

सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय और गरीब लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. थोक में मात्र 10 रुपए किलो बिकने वाला सेहजन 40 रुपए किलो बिक रहा. इसी तरह टमाटर 70 से 80 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है.

भिंडी का प्रति किलो रेट 40 रुपए तक पहुंच गया है. और तो और धनिया और मिर्च ने भी लोगों को रुलाना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही पत्ता गोभी, परवल जैसी सब्जियां भी थोक में काफी कम में बोली लगाई जा रही थी, लेकिन खुदरे में इनकी कीमतें दो से चार गुना तक बढ़ गई हैं.

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि कुछ सब्जियां कमजोर आवक के चलते प्रभावित हुई है, लेकिन अमूमन सभी सब्जियां इस प्रकार से प्रभावित नहीं होती.

सब्जियां उगाने वाले एक किसान ने फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहा, ‘टमाटर जैसी सब्जियां जितनी थोक में बिकती है, उसकी आधी कीमत ही उन्हें मिल पाती है.’

इसके साथ ही कमजोर आवक के चलते धनिया 200 रुपए किलो तक महंगी हो गई है. हलांकि,आलू-प्याज की कीमत अभी भी स्थिर बने हुए हैं. आलू प्याज की कीमत कई सप्ताह से स्थिर बनी हुई है. फुटकर में ये दोनों ही 10-15 रुपए किलो के हिसाब से बिक रहे हैं.

व्यापारियों का कहना है कि आलू-प्याज की आवक अभी पर्याप्त है. इसके कारण इनकी कीमत में बढ़ोतरी की संभावना नहीं के बराबर है.

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टमाटर का भाव बढ़ा, 70 से 80 रुपए किलो तक पहुंचे दाम 

20 से 25 रुपए प्रति किलो बिकने वाला अच्छी क्वालिटी के टमाटर का भाव 70 से 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है. कई रिटेल मार्केट में कीमतें 120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर खराब क्वालिटी की टमाटर अभी भी 20 से 30 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं.

देश की खाद्य मंत्रालय ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि यह सीजनल तेजी है. कई जगहों पर फसल बर्बाद होने से दाम बढ़े हैं. अगले कुछ दिन में दाम पर काबू पा लिया जाएगा.

दिल्ली की आजादपुर मंडी में टमाटर के भाव तीन-चार दिन पहले तक 10 रुपए से 15 रुपए के बीच थे. लेकिन, बुधवार को ये भाव क्वॉलिटी के हिसाब से 50 रुपए से 70 रुपए तक जा पहुंच गए.

कारोबारियों का कहना है कि इसका अहम कारण है टमाटर की सप्लाई में कमी. हरियाणा के अलावा उत्तर भारत और दक्षिण भारत में भी बारिश के कारण टमाटर की फसल बर्बाद हुई है जिससे सप्लाई घटी है.

साहिबाबाद सब्जी मंडी में एक सब्जी कारोबारी रईस कुरेशी फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘टमाटर के रेट में तेजी आई है. जबकि,और सब्जियों के भाव में ज्यादा अंतर नहीं आया है. बारिश की वजह से माल कम आ रहे हैं. हमारी कुछ ट्रक दूसरे राज्यों में फंसी हुई हैं. जैसे ही ट्रांसपोर्टर माल सप्लाई करने लगेगा टमाटर के भाव में कमी देखने को मिलेगी.’

टमाटर के रिटेल दामों में अचानक आई तेजी से सरकार भी परेशान हो गई है. खाद्य मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है.

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खाद्य मंत्रालय के अनुसार सीजनल बढ़ोतरी है

खाद्य मंत्रालय के अधिकारी का कहना है, ‘खाद्य मंत्रालय ने टमाटर की सप्लाई के आंकड़े मंगाए हैं. मौजूदा समय में उत्तर भारत के कई प्रमुख बाजारों में टमाटर की कीमत पिछले तीन दिनों में तीन गुना तक बढ़ गई है. यह सीजनल बढ़ोतरी है.’

खाद्य मंत्रालय का कहना है कि पिछले चार-पांच सालों का रिकॉर्ड देखें तो इस सीजन में टमाटर के भाव में कुछ समय के लिए बढ़ोतरी होती है. बारिश की वजह से ट्रांसपोर्टर को माल सप्लाई करने में दिक्कत आती है.

हालांकि, खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ आईएस अधिकारी फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘सभी राज्य सरकारों को मंत्रालय के तरफ से एलर्ट जारी किया गया है कि मुनाफाखोरों पर नजर रखें. स्टॉक में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है. अगले दो-चार दिनों में टमाटर के दाम पर काबू पा लिया जाएगा.

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