विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

बजट से नहीं होगा आचार संहिता का उल्लंघन: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों टीएस कृष्णमूर्ति और एन गोपाल स्वामी का मानना है कि यह तभी लागू होता अगर लोकसभा के चुनाव हो रहे होते.

FP Staff Updated On: Jan 04, 2017 05:20 PM IST

0
बजट से नहीं होगा आचार संहिता का उल्लंघन: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी इस मुद्दे पर अभी भी दुविधा में हैं कि 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट की तारीख को आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

लेकिन दो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों का मानना है कि इससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा. केंद्र सरकार 2017-18 के लिए पूर्ण बजट पेश कर सकती है.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों टीएस कृष्णमूर्ति और एन गोपाल स्वामी का मानना है कि उल्लंघन का मामला तब बनता जब लोकसभा के चुनाव हो रहे होते.

इससे पहले बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त जैदी ने यूपी, पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड और गोवा के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की. इन राज्यों में 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच चुनाव होंगे.

बजट केंद्र सरकार का विषय, किसी खास राज्य का नहीं   

2004 से 2005 के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त रहे कृष्णमूर्ति कहते हैं, ‘चुनाव आचार संहिता के प्रभाव में आने से भी बजट को पेश करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. इसकी मुख्य वजह यह है कि बजट केंद्र सरकार द्वारा पेश किया जाता है.

अगर पूरे देश के लिए किसी रियायत की घोषणा होती है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा. बशर्ते ये रियायतें खास तौर से सिर्फ उन राज्यों के लिए न हों जहां चुनाव होने वाले हैं. मुझे यह लगता कि कोई इसे चुनौती दे सकता है लेकिन एक नजर में मुझे यह लगता है कि केंद्रीय बजट को पेश करना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है.’

Budget Concept

Budget 

2006 से 2009 के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त रहे एन गोपालस्वामी भी इसी बात को कहते हैं:

‘विधानसभा के चुनाव लोकसभा के चुनाव नहीं हैं. इस वजह से यह कहा जा सकता है कि बजट और आचार संहिता के बीच कोई संबंध है. यह बजट पूरे देश के लिए है. हां रेल बजट में जिन राज्यों में चुनाव हो रहा है, उन्हें कुछ लाभ दिया जा सकता है. लेकिन इसे बजट को रोकने के लिए आसान जवाब नहीं कहा जा सकता.'

'हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं. इस वजह से बजट को रोकना ठीक नहीं होगा. यह उस खास स्थिति में ही संभव होता जब लोकसभा चुनावों और बजट का समय आसपास होता. हमेशा के लिए इस मुद्दे का हल तभी संभव है जब सभी चुनाव 5 सालों में एक साथ हों.'

चुनाव की तारीखों की घोषणा के लिए बुलाए गए प्रेस कांफ्रेंस में जैदी ने एक सवाल के जबाब में कहा कि अभी तक हमें बजट को रोकने संबंधी सिर्फ एक चिट्ठी मिली है. उन्होंने कहा, ‘हम इस मसले पर विचार कर रहे हैं और जल्दी ही इस पर कोई फैसला लेंगे.’

साभार: न्यूज़18 

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi