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जस्टिस काटजू ने अब गांधी को कहा 'ब्रिटिश एजेंट' और 'रास्कल'

काटजू ने भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश को फिर से एक साथ लाने की बात की थी.

FP Staff Updated On: Apr 20, 2017 11:56 AM IST

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जस्टिस काटजू ने अब गांधी को कहा 'ब्रिटिश एजेंट' और 'रास्कल'

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मारकण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया पर फिर एक विवाद खड़ा कर दिया है. काटजू ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की है. काटजू ने गांधी को ‘ब्रिटिश एजेंट’ बताते हुए ‘रास्कल’ तक कह दिया.

काटजू ने विभाजन पर बहस छेड़ते हुए लोगों से भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश को फिर से एक साथ लाने की बात की थी.

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इसपर एक वरिष्ठ पत्रकार आर जगन्नाथन के साथ उनकी ट्विटर पर बहस हुई. इसी दौरान एक ट्वीट का जवाब देते हुए काटजू ने अंत में कहा कि विभाजन ब्रिटिश शासन की एक चाल थी, जिसे ‘उनके एजेंट’ और ‘रास्कल’ – महात्मा गांधी और मुहम्मद अली जिन्ना ने पारित किया था.

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काटजू ने विभाजन के खिलाफ ट्वीट कर के भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में नागरिकों को एकजुट करने की दिशा में प्रयास करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ‘सभी पाकिस्तानी और बांग्लादेशी भारतीय हैं’. 1947 का विभाजन ब्रिटिश द्वारा एक ऐतिहासिक छल और धोखा था, जिसे रद्द किया जाना चाहिए.

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काटजू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पत्रकार आर. जगन्नाथ ने कहा कि अगर कोई विभाजन नहीं होता तो भारत शासन के अयोग्य होता. जिन्ना की मांग की जा रही वीटो शक्तियों पर विचार करें. काटजू ने इसके जवाब में जगन्नाथ से कहा कि आप बकवास कर रहे हैं. विभाजन ब्रिटिश शासन की एक चाल थी और आधुनिक समय में उप-महाद्वीप की सबसे बड़ी त्रासदी थी.

काटजू ने कहा कि अखण्ड भारत हिंदू प्रभुत्व के साथ आरएसएस की अवधारणा है. जबकि मेरी अवधारणा एकजुट धर्मनिरपेक्ष भारत की है जो हिंदू या मुस्लिम के धार्मिक अतिवाद को बर्दाश्त नहीं करता है.

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