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महाराष्ट्र डीजीपी सर्कुलर: मीट कारोबारियों को तंग ना कर पाएं गौरक्षक

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि फॉरेंसिक जांच में बीफ पाए जाने पर ही बीफ बैन कानून लगाया जाए

FP Staff | Published On: Jul 03, 2017 01:19 PM IST | Updated On: Jul 03, 2017 01:19 PM IST

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महाराष्ट्र डीजीपी सर्कुलर: मीट कारोबारियों को तंग ना कर पाएं गौरक्षक

महाराष्ट्र पुलिस ने एक सर्कुलर जारी कर राज्य में पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि 'गौरक्षक' कानून अपने हाथ में ना लें और मांस व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को तंग ना करें.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह सर्कुलर ऐसे समय आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में मांस का कारोबार करने वालों पर हमलों की खबरें बढ़ती जा रही हैं. वहीं मुंबई पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी कर कहा है कि कोई भी शहर बीफ बैन का गलत इस्तेमाल ना कर पाए.

गौरतलब है कि 2015 में राज्य सरकार ने महाराष्ट्र पशु संरक्षण एक्ट, 2015 के प्रावधानों में बदलाव कर बीफ की बिक्री और ट्रांसपोर्ट पर पाबंदी लगा दी थी. ऐसा करते पाए जाने पर पांच साल की जेल हो सकती है.

बीफ सुनिश्चित हुए बिना ना लगे बीफ बैन कानून

गृह विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, 'आमतौर पर बीफ ले जाने की जानकारी तथाकथित गौरक्षक देते हैं और वो चाहते हैं कि तत्काल बीफ बैन कानून के अंतर्गत केस दायर किया जाए. हमारा निर्देश है कि पहले बीएमसी एक्ट के अंतर्गत केस दायर किया जाए और फॉरेंसिक जांच में बीफ पाए जाने पर ही कड़े प्रावधान लागू हों.

डीजीपी के सर्कुलर के मुताबिक अगर किसी के पास बीफ ले जाने की या गोवंश के हत्या की जानकारी हो तो वह पहले पुलिस को दे. किसी को भी खुद ही किसी तथाकथित बीफ ले जाने वाले पर हमला करने की इजाजत नहीं दी जा सकती.

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